असम सरकार ने शुरू की महिला उद्यमिता समर्थन योजना, महिलाओं को मिलेगा स्व-रोजगार के लिए वित्तीय समर्थन
असम सरकार ने मंगलवार को अपनी सबसे बड़ी महिला उद्यमिता समर्थन योजना का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य महिलाओं को स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस योजना का उद्घाटन बिश्वनाथ जिले से किया। इस योजना के तहत महिलाओं को स्व-रोजगार के लिए 10,000 रुपये की शुरुआती पूंजी दी जाएगी, जो उन्हें अपने छोटे उद्यम शुरू करने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि “हमारी माताओं और बहनों के आशीर्वाद से आज हमने मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान शुरू किया है। इसमें महिलाओं को स्व-रोज़गार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए 10,000 रुपये की शुरुआती पूंजी प्रदान की जाएगी।” उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है, और इसके लिए एक बहुस्तरीय रणनीति अपनाई जा रही है, जो स्कूल से लेकर वृद्धावस्था तक सभी पहलुओं को शामिल करती है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए निःशुल्क प्रवेश, निःशुल्क शिक्षा, अरुणोदय के माध्यम से आजीविका समर्थन, वृद्धावस्था पेंशन और निःशुल्क खाद्यान्न जैसी योजनाओं के बारे में भी बताया, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
इस योजना के तहत तीन चरणों में वित्तीय सहायता दी जाएगी। पहले चरण में 10,000 रुपये की प्रारंभिक पूंजी दी जाएगी, दूसरे वर्ष में 25,000 रुपये (जिसमें 12,500 रुपये का ऋण और उतनी ही राशि सरकारी समर्थन के रूप में) और तीसरे चरण में 50,000 रुपये तक का समर्थन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस योजना को असम में सूक्ष्म-स्तरीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया और यह भी कहा कि इस योजना का लाभ 27,04,161 स्वयं सहायता समूहों के सदस्य महिलाओं को मिलेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर इस योजना के पहले चरण के तहत 23,375 महिला उद्यमियों को चेक वितरित करने की जानकारी दी। इस दौरान, सरमा ने बिहाली में ‘लखपति बाईदेयो’ यात्रा की शुरुआत भी की, जिससे महिला उद्यमिता को एक नया मंच मिलेगा। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को अपने व्यवसायों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना और उन्हें स्वावलंबी बनाना है, ताकि वे न केवल अपनी बल्कि अपने परिवार की भी भलाई के लिए काम कर सकें।
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