April 18, 2026

सीमा पर शांति की चादर तनी है, लेकिन इसके पीछे की कहानी खून, बारूद और रणनीति की है…

नई दिल्ली से लेकर एलओसी तक इन दिनों एक सन्नाटा पसरा है, लेकिन यह सन्नाटा अचानक नहीं आया—इसके पीछे है भारतीय सेना की तेज़तर्रार कार्रवाई और पाकिस्तान की घबराहट भरी पहल। सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज़ हो गई थी कि भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर की बातचीत आज होने जा रही है, लेकिन भारतीय सेना ने इन अटकलों को साफ शब्दों में खारिज कर दिया है। सेना की ओर से साफ कहा गया है कि 18 मई को कोई डीजीएमओ बातचीत निर्धारित नहीं है और 12 मई को जो सीजफायर तय हुआ था, वह बिना किसी एक्सपायरी के लागू है।

दरअसल, यह सीजफायर महज़ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सख्त संदेश के बाद आई मजबूरी थी। 6-7 मई की रात को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया था। यह ऑपरेशन, पहलगाम में टूरिस्टों पर हुए बर्बर आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें निर्दोष यात्रियों को निशाना बनाया गया था। भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई इतनी सटीक और तीव्र थी कि पाकिस्तान बौखला गया और बदले में ड्रोन और मिसाइलों के ज़रिए भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला किया, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया।

इसके बाद भारत ने एक और कठोर कदम उठाते हुए पाकिस्तान के 11 एयरबेस को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई इतनी जबरदस्त थी कि पाकिस्तान को तुरंत डीजीएमओ के ज़रिए भारत से सीजफायर की गुहार लगानी पड़ी। भारत ने इस प्रस्ताव को मानते हुए सीजफायर लागू कर दिया, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान की ओर से कुछ मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। हालांकि भारत की सख्त चेतावनी—”अगर अगली बार ऐसा दुस्साहस किया गया तो जवाब और भी कड़ा होगा”—ने पाकिस्तान को पूरी तरह शांत कर दिया।

अब सीमा पर शांति है, लेकिन यह शांति भारतीय सेना की सटीक योजना, कठोर निर्णय और निर्णायक कार्रवाई से संभव हुई है। डीजीएमओ स्तर की बातचीत को लेकर जितनी भी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, भारतीय सेना ने उन्हें सिरे से नकार दिया है। यह स्पष्ट है कि भारत अब न सिर्फ हमलों का जवाब देने के लिए तैयार है, बल्कि जवाबी कार्रवाई में अपनी रणनीतिक बढ़त भी कायम रखे हुए है।

सीमा पर अब हर हरकत पर पैनी निगरानी है, और यह साफ संदेश दिया गया है कि शांति की पहल भारत की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी परिपक्वता है—और अगर दुश्मन ने फिर कोई हरकत की, तो जवाब और भी ज़्यादा निर्णायक होगा।

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