चिकनगुनिया की वजह से हड्डियों में दर्द क्यों होता है? एक्सपर्ट से जानें

चिकनगुनिया केवल एक वायरल बुखार नहीं है, बल्कि यह शरीर में लंबे समय तक असर छोड़ने वाली बीमारी बन सकती है। इस संक्रमण का सबसे सामान्य और परेशान करने वाला लक्षण जोड़ों और हड्डियों में तेज दर्द होता है। यह दर्द इतना ज्यादा होता है कि मरीज को चलना-फिरना और रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है।

चिकनगुनिया में हड्डियों में दर्द क्यों होता है?
चिकनगुनिया वायरस, जो कि एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, शरीर में प्रवेश करके इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है। यह वायरस शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) पैदा करता है। जब शरीर की इम्यूनिटी वायरस से लड़ने के लिए सक्रिय होती है, तो कभी-कभी यह अपने ही शरीर के टिश्यूज (जैसे जोड़ों और हड्डियों के आसपास) पर हमला कर देती है। इस वजह से जोड़ों और हड्डियों में सूजन और दर्द होता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि यह सूजन जोड़ों के आस-पास के तरल पदार्थ को प्रभावित करती है, जिससे दर्द होता है और हिलने-डुलने में परेशानी होती है। इस दर्द को पोस्ट वायरल आर्थराइटिस भी कहा जाता है, जो हफ्तों या महीनों तक रह सकता है।

जो लोग पहले से गठिया जैसी समस्या से पीड़ित होते हैं या जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, उन्हें चिकनगुनिया के बाद दर्द ज्यादा महसूस होता है।

कैसे बचाव करें?

मच्छरों से बचाव के लिए पूरा शरीर ढकने वाले कपड़े पहनें।

घर और आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छर न पनपें।

मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट और कॉइल का उपयोग करें।

घर में मच्छरदानी लगाएं।

बारिश के मौसम में सुबह-शाम खास सावधानी बरतें।

बुखार या दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

इस तरह सही सावधानी और समय पर इलाज से चिकनगुनिया के दर्द को कम किया जा सकता है और बीमारी के प्रभावों से बचा जा सकता है।

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