दिल्ली-मुंबई: चांदी पहली बार 2 लाख के पार, सोना भी ऑल-टाइम हाई पर—कहां जाकर थमेंगी कीमतें?
देश के वायदा बाजार में सोना और चांदी ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसने निवेशकों को हैरान कर दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई है, जबकि सोना भी नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। तेजी इतनी जबरदस्त है कि सिर्फ इस हफ्ते में ही चांदी की कीमत करीब 17,000 रुपये बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट के कई फैसलों के कारण कीमतों में यह उछाल जारी रह सकता है।
दरों में इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका द्वारा मैक्सिको पर लगाया गया 50% टैरिफ बताया जा रहा है, जिससे कीमती धातुओं की वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में हालिया कटौती, डिमांड बढ़ना और मेटल मार्केट में सप्लाई की कमी—इन सभी कारणों ने मिलकर सोना-चांदी को ‘फास्ट ट्रैक’ पर डाल दिया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 के पहले छह महीनों में चांदी 2.50 लाख रुपये प्रति किलो तक जा सकती है।
MCX के अनुसार, शुक्रवार के कारोबारी सत्र में चांदी 1,420 रुपये की छलांग लगाकर 2,00,362 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। हालांकि दोपहर बाद थोड़ा दबाव आया और कीमत 1,98,896 रुपये पर कारोबार करती दिखी। दिलचस्प बात यह है कि चांदी सुबह गिरावट के साथ 1,96,958 रुपये पर खुली थी और दिन के निचले स्तर से इसमें 3,400 रुपये से अधिक का उछाल दिखा। यानी बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद कुल ट्रेंड मजबूती का है।
अगर महीने-दर-महीने तुलना करें तो चांदी की रफ्तार और भी चौंकाने वाली है। नवंबर के आखिरी कारोबारी दिन चांदी का भाव 1,74,981 रुपये था, जबकि अब तक इसमें 25,000 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। मौजूदा हफ्ता भी बेहद दमदार रहा है—पिछले सप्ताह 1,83,408 रुपये पर बंद हुई चांदी अब तक लगभग 17,000 रुपये महंगी हो चुकी है। दिसंबर में चांदी ने जितना रिटर्न दिया है, उसकी बाजार को उम्मीद भी नहीं थी।
सोने की कीमतों में भी इसी तरह का रुझान देखा जा रहा है। MCX पर गोल्ड फ्यूचर ने नया रिकॉर्ड बनाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ती भू-राजनीतिक तनावों के बीच सोना निवेशकों के लिए ‘सेफ हेवन’ की तरह काम कर रहा है। यही वजह है कि सोने के दाम में भी लगातार तेजी है और आने वाले महीनों में इसमें और उछाल देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, सोना और चांदी दोनों की कीमतें इस समय ‘हाइपर मोड’ में हैं। बाजार विशेषज्ञों की राय है कि जब तक वैश्विक बाजार में सप्लाई दबाव, ब्याज दरों में नरमी और भू-राजनीतिक तनाव जारी रहेंगे, कीमती धातुओं की कीमतें ऊपर की तरफ ही जाती नजर आएंगी। अब निवेशक की नजर इस बात पर टिकी है कि ये कीमतें आखिर कहां जाकर रुकेंगी।
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