जुकाम में क्यों बंद हो जाती है नाक, जानें कारण और असरदार समाधान
ठंड का मौसम शुरू होते ही जुकाम की समस्या आम हो जाती है। इसे हल्का लेना सही नहीं, क्योंकि यह न केवल शरीर को थकाता है बल्कि दिनचर्या पर भी असर डालता है। आरएमएल हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग में डॉ. सुभाष गिरी बताते हैं कि जुकाम के शुरुआती लक्षणों में ही सावधानी अपनाना बेहद जरूरी है, ताकि समस्या बढ़ने से पहले रोकी जा सके।
जुकाम में सबसे आम परेशानी होती है नाक बंद होना। यह तब होता है जब संक्रमण के कारण नाक के अंदर की झिल्ली में सूजन आ जाती है। इससे नाक की नलियां सिकुड़ जाती हैं और सांस लेने में दिक्कत होती है। इस दौरान बार-बार छींक आना, गले में खराश, सिरदर्द, आंखों से पानी आना और थकान जैसे लक्षण भी दिखते हैं। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, बच्चों और बुज़ुर्गों को यह समस्या ज्यादा परेशान करती है।
डॉ. गिरी के अनुसार, जुकाम का सबसे बड़ा कारण वायरस है जो हवा या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता है। ठंडा मौसम नाक की सतह को सूखा बना देता है, जिससे वायरस आसानी से चिपक जाते हैं। बिना गर्म कपड़ों के बाहर निकलना या ठंडे पेय पदार्थ पीना भी जोखिम बढ़ाता है। भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बस, बाजार या ऑफिस में यह संक्रमण तेजी से फैलता है।
जुकाम से बचाव के लिए नाक और कान को हमेशा गर्म रखना चाहिए। साबुन से बार-बार हाथ धोना, पर्याप्त पानी पीना और भीड़भाड़ वाली जगहों पर कम समय बिताना जरूरी है। अगर खांसी या छींक आए, तो रुमाल या टिश्यू से मुंह ढकना चाहिए ताकि संक्रमण दूसरों तक न फैले।
समय पर आराम, पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन और गर्म पेय लेने से जुकाम के लक्षणों में राहत मिलती है। अगर नाक बंद रहना लंबे समय तक जारी रहे या बुखार बढ़े, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
Share this content:
