दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट के बाद राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। इसी बीच उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दिल्ली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आपात बैठक में कई सख्त निर्देश जारी किए हैं। इनमें अमोनियम नाइट्रेट की बिक्री पर निगरानी, सोशल मीडिया पर कट्टरपंथ रोकने, खुफिया तंत्र मजबूत करने और वाहन खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाने जैसे फैसले शामिल हैं।
निर्देशों के अनुसार अब अमोनियम नाइट्रेट की खरीद और बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। तय सीमा से अधिक मात्रा खरीदने या बेचने वाले लोगों और संस्थाओं का डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य होगा। इसमें खरीदार और विक्रेता की फोटो सहित सभी विवरण दर्ज किए जाएंगे। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Meta और X (Twitter) से समन्वय कर उन कंटेंट्स की पहचान और रोकथाम पर जोर दिया जाएगा जो कट्टरपंथ फैलाने का काम कर सकते हैं।
उपराज्यपाल ने स्वास्थ्य क्षेत्र और परिवहन प्रणाली में भी बदलाव के निर्देश दिए हैं। इसके तहत दिल्ली में काम कर रहे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का केंद्रीकृत डिजिटल डेटाबेस बनाया जाएगा, जिसमें उनकी योग्यता और डिग्री की जानकारी शामिल होगी। विदेशी डिग्री वाले डॉक्टरों का बैकग्राउंड पुलिस द्वारा जांचा जाएगा। वहीं वाहनों की खरीद-बिक्री पर सख्ती बरतते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि रजिस्ट्रेशन मालिक और वास्तविक चालक अलग न हों, खासतौर पर ऑटो सेक्टर में जिस समस्या की बार-बार शिकायत मिलती रही है।
इन नए निर्देशों के बाद दिल्ली में सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ प्रशासनिक ढांचे को भी सख्त और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना और शहर के सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना है।
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