बिहार में नई कैबिनेट के गठन के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर आरजेडी ने सरकार पर वंशवाद बढ़ाने का आरोप लगाया है। इसी मुद्दे पर बिहार भाजपा अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल ने जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष आज तक परिवारवाद की असली परिभाषा समझ ही नहीं पाया है। उन्होंने कहा कि परिवारवाद का मतलब यह होता है कि प्रधानमंत्री का बेटा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का बेटा मुख्यमंत्री बने, लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है।
वहीं इस बीच जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने दावा किया कि यह सरकार जनता के भरोसे की जीत है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी जीत तभी संभव होती है जब जनता गठबंधन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भरोसा करती है। पिछले 20 सालों में नीतीश कुमार ने लगातार विकास और सुशासन पर काम किया है, इसलिए जनता ने उन्हें दोबारा चुना।
आरजेडी की ओर से जारी आंकड़ों में आरोप लगाया गया है कि नई कैबिनेट में बड़ी संख्या में नेता राजनीतिक परिवारों से हैं। आरोप के अनुसार HAM(S) में करीब 80% नए चेहरे रिश्तेदार हैं, जबकि बीजेपी में 12.35% और JD(U) में 11 ऐसे विधायक हैं जिनका राजनीतिक बैकग्राउंड परिवार से जुड़ा है। आरजेडी ने कहा कि नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद गठबंधन को परिवारवाद से बचाने की बात कही जा रही थी, लेकिन स्थिति उलट दिखाई दे रही है।
इसी दौरान मंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी को भारतीय राजनीति की सबसे सफल साझेदारी बताया। उन्होंने कहा कि यह भरोसे और विकास की सरकार है और आने वाले समय में बिहार और तेजी से आगे बढ़ेगा। वहीं आरजेडी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जो वंशवाद के विरोधी बताए जाते हैं, उन्हीं के आशीर्वाद से अब वह बिहार की राजनीति से परिवारवाद मिटाने की कसम खाते हैं।
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