उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस ने एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो भगवा वस्त्र धारण कर हिंदू धार्मिक कथाओं और आयोजनों में शामिल होकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। यह गैंग भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं की सोने की चेन और आभूषण काट लेता था और फिर मौके से फरार हो जाता था। पुलिस ने इस गैंग के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से सोने के गहने व नकदी बरामद की है।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह भागवत कथा, मंदिरों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों में सनातनी वेशभूषा में पहुंचता था। लोग इन्हें श्रद्धालु समझते थे, लेकिन ये मौका देखकर महिलाओं को निशाना बनाते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पहले इलाके की रेकी करते, फिर मिलकर घेराबंदी करते और चेन या झुमके जैसी कीमती ज्वेलरी काट लेते थे। महिलाओं को इसकी भनक तक नहीं लगती थी।
चौबीस सितंबर को बिजनौर के किरतपुर कस्बे में भागवत कथा के दौरान एक ही दिन में तीन महिलाओं की चेन चोरी हो गई थी। सीसीटीवी फुटेज की जांच में सात लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। एआई तकनीक से जांच करने पर तीन लोगों की पहचान राहिमीन, फैसल और शहबाज के रूप में हुई, जो किरतपुर इलाके के ही रहने वाले हैं। पूछताछ में तीनों ने बाकी साथियों के नाम भी बताए।
पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद, दिल्ली, हापुड़ और मेरठ से गैंग के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक स्कॉर्पियो कार, सोने के चार कंगन, दो जोड़ी टॉप्स, एक चेन, झुमके और 29 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं।
एसएसपी अभिषेक झा ने बताया कि यह गैंग लंबे समय से धार्मिक आयोजनों में सक्रिय था और बेहद शातिर तरीके से चोरी करता था। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के और सदस्य कहां-कहां सक्रिय हैं।
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