April 30, 2026

बेरोजगारी के मोर्चे पर झटका: 5.6% पहुंची राष्ट्रीय दर, सबसे अधिक मार युवाओं और महिलाओं पर

देश में बेरोजगारी एक बार फिर चिंताजनक मोड़ पर पहुंच गई है। मई 2025 के लिए जारी किए गए ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 5.1% से बढ़कर 5.6% हो गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा किए गए ‘करंट वीकली स्टेटस (CWS)’ सर्वे के अनुसार, यह वृद्धि मौसमी बदलावों और देश के कई हिस्सों में पड़ी अत्यधिक गर्मी के कारण देखी गई है।

युवाओं पर सबसे ज्यादा असर

इस बढ़ती बेरोजगारी की सबसे गहरी मार 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग पर पड़ी है। अप्रैल में इस आयु वर्ग में 13.8% बेरोजगारी दर थी, जो अब मई में बढ़कर 15% तक पहुंच गई है। महिलाओं के लिए यह आंकड़ा और भी अधिक चिंताजनक है — इस उम्र वर्ग की महिलाओं में बेरोजगारी दर 16.3% हो गई है, जो पिछले महीने 14.4% थी। वहीं, पुरुषों में यह दर 13.6% से बढ़कर 14.5% तक गई है।

शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र प्रभावित

बेरोजगारी सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है, ग्रामीण भारत भी इसकी चपेट में है।

शहरी बेरोजगारी दर अप्रैल के 17.2% से बढ़कर 17.9% हो गई।

ग्रामीण बेरोजगारी दर 12.3% से बढ़कर 13.7% हो चुकी है।

इन आंकड़ों से साफ है कि नौकरियों की कमी एक व्यापक राष्ट्रीय संकट बनती जा रही है, जो न केवल आर्थिक, बल्कि सामाजिक असंतुलन की ओर भी इशारा कर रही है।

कमी आई श्रम भागीदारी में भी

इस दौरान, श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में भी गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल में यह दर 55.6% थी, जो अब 54.8% रह गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में यह 58% से घटकर 56.9% हो गई।

शहरी क्षेत्रों में यह 50.7% से घटकर 50.4% हो गई।

क्या कहते हैं आंकड़े

पुरुषों में बेरोजगारी: 5.6%

महिलाओं में बेरोजगारी: 5.8%

कुल बेरोजगारी दर: 5.6%

15-29 वर्ष आयु वर्ग में बेरोजगारी: 15%

बेरोजगारी की इस बढ़ती दर ने सरकार और नीति निर्माताओं के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—आखिर देश के करोड़ों युवाओं और महिलाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर कब और कैसे पैदा होंगे?

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