कैंसर से जंग लड़कर लौटीं दीपिका कक्कड़, वीडियो में बताया दर्द भरा सफर, गले में अब भी जख्म
टीवी एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़, जिन्होंने ‘ससुराल सिमर का’ और ‘बिग बॉस’ जैसे शोज से घर-घर में पहचान बनाई, इन दिनों जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई से जूझ रही हैं। उन्हें स्टेज 2 लिवर कैंसर का पता चला था, जिसके बाद उन्होंने 14 घंटे लंबी सर्जरी करवाई। अब वह घर लौट चुकी हैं और अपने यूट्यूब चैनल ‘दीपिका की दुनिया’ पर 23 मिनट का व्लॉग शेयर कर इस पूरे संघर्ष की कहानी बेहद भावुक अंदाज में साझा की है।
जब टूटा सब कुछ…
दीपिका ने बताया कि जब उन्हें कैंसर की खबर मिली, तो जैसे जमीन ही खिसक गई। उनके पति शोएब इब्राहिम को पहले ही इसका अंदाजा था, लेकिन उन्होंने दीपिका को मानसिक रूप से तैयार करने के लिए समय लिया। रिपोर्ट्स देखने की जिद करने पर जब सच्चाई सामने आई, तो दोनों अस्पताल के गलियारे में एक-दूसरे को पकड़कर रो पड़े।
बेटे से बिछड़ने का दर्द
इस बीमारी ने दीपिका को भावनात्मक रूप से सबसे ज्यादा तब तोड़ा जब उन्हें अपने 2 साल के बेटे रुहान से दूर रहना पड़ा। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्हें न सिर्फ बेटे से अलग रहना पड़ा, बल्कि उन्हें मां का दूध भी छुड़ाना पड़ा, क्योंकि दवाइयों के प्रभाव के कारण वह सुरक्षित नहीं था। दीपिका ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक रात भी बेटे से दूर रहना इतना मुश्किल होगा।”
ICU में भी मिला दर्शकों का प्यार
दीपिका ने बताया कि ICU में रहते हुए भी उन्हें फैंस की दुआएं और प्यार मिलता रहा। शोएब हर वक्त उनके साथ रहे, उनके लिए दुआ करते रहे और कई रातें बिना सोए गुजारीं। दीपिका ने भावुक होकर कहा कि शोएब के शब्दों—”लाखों लोग तुम्हारे लिए दुआ कर रहे हैं”—ने उन्हें अंदर से हिम्मत दी।
अब भी बाकी है जंग
दीपिका ने स्पष्ट किया कि अभी सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। सर्जरी के बाद वह भले ही घर आ गई हों, लेकिन रिकवरी की लंबी प्रक्रिया अभी जारी है। गले में सर्जरी के बाद का घाव अब भी है, जिसकी झलक शोएब के हालिया व्लॉग में भी दिखी, हालांकि बैंडेज हटा दिया गया है और घाव धीरे-धीरे ठीक हो रहा है।
क्या कहती हैं दीपिका
> “मैं आज जिंदा हूं, अपने बेटे और पति के साथ हूं, यही सबसे बड़ी बात है। जो कुछ भी मिला, उसमें आप सबकी दुआओं का बहुत बड़ा हाथ है।”
दीपिका का यह वीडियो सिर्फ एक व्लॉग नहीं, बल्कि हिम्मत, प्यार और संघर्ष की मिसाल है। उनके जज्बे और पारिवारिक साथ ने यह साबित कर दिया है कि बीमारी कितनी भी बड़ी क्यों न हो, इंसान का हौसला अगर मजबूत हो तो हर जंग जीती जा सकती है।
Share this content:
