दिल्ली-बेंगलुरु में दौड़ेगी पॉड टैक्सी, सभी दो-लेन हाईवे होंगे चार लेन के – गडकरी का नया मास्टर प्लान
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के परिवहन तंत्र को आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए एक क्रांतिकारी मास्टर प्लान पेश किया है। इस योजना के तहत देश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में परिवहन के नए मॉडल लागू किए जाएंगे, जिनमें इलेक्ट्रिक रैपिड बसें, पॉड टैक्सी, हाइपरलूप, रोपवे, फनिक्युलर रेलवे और केबल बसें शामिल हैं।
गडकरी ने बताया कि नागपुर में 135 सीटों वाली इलेक्ट्रिक रैपिड ट्रांसपोर्ट बस का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसमें एग्जिक्यूटिव क्लास की सीटें, एयरलाइन ग्रेड एसी और तेज गति (120-125 किमी/घंटा) जैसी सुविधाएं होंगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली और बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों में जल्द ही पॉड टैक्सी जैसी अत्याधुनिक प्रणाली शुरू की जाएगी, जो बिना ड्राइवर के एलिवेटेड ट्रैक पर चलेंगी।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 25,000 किलोमीटर की दो-लेन सड़कों को चार लेन में बदला जाएगा और हाईवे निर्माण की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रतिदिन तक पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा केदारनाथ समेत 360 जगहों पर रोपवे, केबल कार और फनिक्युलर रेलवे के निर्माण की योजना है, जिनमें से 60 प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है।
फनिक्युलर रेलवे एक ऐसी प्रणाली है जो खड़ी चढ़ाई वाले इलाकों में यात्रियों और माल को ऊपर-नीचे लाने के लिए लिफ्ट और रेलवे तकनीक का संयोजन करती है। वहीं, पॉड टैक्सी एक अत्याधुनिक पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम है जिसमें छोटी-छोटी ऑटोमैटिक कैप्सूल विशेष ट्रैक पर बिना ड्राइवर के चलती हैं।
इसके अलावा, गडकरी ने बताया कि परिवहन में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ट्री बैंक, मोबाइल-आधारित ड्राइविंग टेस्ट और फ्लेक्स-फ्यूल इंजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। टाटा, टोयोटा, हुंदै और महिंद्रा जैसी 11 प्रमुख कंपनियों ने फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाले वाहनों के निर्माण पर सहमति दी है। यह वाहन एथनॉल, मेथनॉल जैसे जैविक ईंधन के साथ पारंपरिक पेट्रोल-डीजल पर भी चल सकेंगे, जिससे ईंधन आयात पर निर्भरता कम होगी।
राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में जहां यह 91,287 किलोमीटर थी, अब यह 60% बढ़कर 1,46,204 किलोमीटर तक पहुंच चुकी है। हाई-स्पीड कॉरिडोर की लंबाई भी 93 किमी से बढ़कर 2,474 किमी हो गई है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए गडकरी ने बताया कि 20 से 25 करोड़ नए पेड़ लगाने की योजना बनाई गई है, जिसमें हर एक कटे पेड़ के बदले 5 पेड़ लगाए जाएंगे और पुराने पेड़ों को प्रत्यारोपित किया जाएगा।
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