बकरीद के शोर में चुपचाप भाग निकले शेख हसीना के चाचा, बांग्लादेश सरकार पर उठे सवाल

बांग्लादेश की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब प्रधानमंत्री शेख हसीना के चाचा शेख कबीर के सिंगापुर भाग जाने की खबर सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार कबीर हुसैन बकरीद के दिन गुपचुप तरीके से ढाका के हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सिंगापुर रवाना हो गए। हैरानी की बात यह रही कि इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रोकने की कोई कोशिश नहीं की, जबकि उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप पहले से ही लग चुके हैं।

शेख कबीर हसीना सरकार में बेहद ताकतवर माने जाते थे। उनके पास करीब 23 मंत्रालयों की जिम्मेदारी थी, जिनमें अधिकतर विभाग वित्त से जुड़े थे। अगस्त 2024 में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद कबीर जांच एजेंसियों के रडार पर थे। खबरें थीं कि उनकी गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने देश छोड़ दिया, जिससे सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कबीर की फरारी ऐसे वक्त में हुई है जब बांग्लादेश की नई सरकार के मुख्य सलाहकार ने भ्रष्टाचारियों को सख्त सजा दिलाने का वादा किया था। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कबीर को देश से बाहर जाने की इजाजत दी गई थी या नहीं। अधिकारियों की चुप्पी ने मामले को और संदेहास्पद बना दिया है।

शेख हसीना के परिवार के कई सदस्य पहले ही देश छोड़कर जा चुके हैं। कुछ ब्रिटेन में रह रहे हैं, तो कुछ भारत में। खुद शेख हसीना अपनी बहन के साथ भारत में बताई जा रही हैं। परिवार के तमाम सदस्यों पर बांग्लादेश में भ्रष्टाचार और नरसंहार के आरोपों में मुकदमे दर्ज हैं। कबीर की यह फरारी हसीना परिवार के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़ा करती है।

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