डॉक्टर समेत तीन आतंकवादी गिरफ्तार, अहमदाबाद-लखनऊ- दिल्ली में धमाके की थी योजना; चीन से MBBS कर चुका था मास्टरमाइंड अहमद सैयद
गुजरात एटीएस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है. अहमदाबाद से लेकर दिल्ली तक हमले की योजना बनाने वाले तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें डॉक्टर अहमद मोहिदुद्दीन सैयद, मोहम्मद सुहेल और आजाद सैफी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि ये तीनों आईएसआईएस के कुख्यात विंग इस्लामिक स्टेट खोरसान प्रोविंस (ISKP) से जुड़े हुए थे और पिछले एक साल से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थे.
एटीएस के अधिकारियों के अनुसार, ये आरोपी अहमदाबाद, लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में सिलसिलेवार आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे. इनका उद्देश्य देश में दहशत फैलाना और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलना था. जांच में सामने आया है कि डॉक्टर अहमद मोहिदुद्दीन सैयद ने चीन से MBBS की डिग्री ली थी और वहीं रहते हुए उसकी मुलाकात ISKP से जुड़े लोगों से हुई थी. लौटने के बाद वह ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए विदेश में बैठे आतंकी हैंडलरों से संपर्क में आया और भारत में सक्रिय मॉड्यूल तैयार करने लगा.
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि इस मॉड्यूल की योजना बेहद गुप्त थी और इसे “स्लीपर सेल” की तरह तैयार किया जा रहा था. आरोपी इंटरनेट पर डार्क वेब और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल करते थे ताकि उनकी बातचीत ट्रेस न हो सके. अहमद ने मेडिकल पेशे के बहाने कई राज्यों की यात्राएं कीं और अपने सहयोगियों से मुलाकात की. मोहम्मद सुहेल और आजाद सैफी सोशल मीडिया के जरिए नए युवाओं को बरगलाने और उन्हें ‘जिहाद’ के नाम पर जोड़ने का काम कर रहे थे.
एटीएस ने पिछले कुछ महीनों में इन तीनों की गतिविधियों पर करीब से नजर रखी थी. अहमदाबाद में हुई एक गुप्त मीटिंग की जानकारी मिलने के बाद एटीएस ने जाल बिछाया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया. इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल, विदेशी खातों से जुड़े लेनदेन के दस्तावेज और कुछ संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी बरामद किए गए हैं.
गुजरात एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब इस मामले में आईएसकेपी के विदेशी हैंडलरों तक पहुंचने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ संयुक्त जांच शुरू कर दी गई है. शुरुआती पूछताछ में अहमद ने कबूल किया है कि भारत में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर मोड़ने और आतंकी हमलों की तैयारी के लिए उन्हें ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही थी. इस गिरफ्तारी से एक बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है, जिसने भारत में ISKP की जड़ें जमाने की कोशिश की थी — लेकिन गुजरात एटीएस की तत्परता से यह साजिश वक्त रहते नाकाम हो गई.
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