पहले से दूसरे चरण तक 450 से अधिक बार उड़े हेलिकॉप्टर और निजी विमान, प्रमुख दलों ने वोटरों तक पहुंचने के लिए हवा में मचाई होड़; पटना एयरपोर्ट बना चुनावी उड़ानों का केंद्र
बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान ने इस बार आसमान को भी छू लिया. जमीन पर सभाओं और रैलियों के साथ-साथ नेताओं ने वोटरों तक पहुंचने के लिए हवाई मार्ग का भी जमकर इस्तेमाल किया. पहले चरण की 121 सीटों पर 210 बार और दूसरे चरण की 122 सीटों पर 240 बार हेलिकॉप्टर व चार्टर्ड प्लेन ने उड़ान भरी. प्रचार के आखिरी दिन अकेले 26 हेलिकॉप्टर आसमान में नजर आए. पटना एयरपोर्ट से रोजाना औसतन 25 हेलिकॉप्टर और 12 चार्टर्ड विमानों की उड़ान भरते देखी गई, जो नेताओं को एक जिले से दूसरे जिले तक ले जा रहे थे.
चुनाव के आखिरी हफ्ते में प्रचार की गति अपने चरम पर पहुंच गई थी. नेताओं ने दिन में दर्जनों जनसभाएं करने के लिए हेलिकॉप्टरों पर निर्भरता बढ़ा दी. एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में औसतन 15 से 18 उड़ानें रोजाना भरी गईं, जबकि दूसरे चरण में यह संख्या 20 से 23 तक पहुंच गई. चुनाव प्रचार के अंतिम तीन दिनों में तो उड़नखटोले लगातार आसमान में मंडराते रहे. हवाई प्रचार की इस होड़ में नेताओं ने करोड़ों रुपये खर्च किए.
महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने प्रचार के अंतिम दिन ही 16 जनसभाओं को संबोधित किया और अरवल, जहानाबाद व रोहतास जैसे जिलों में हेलिकॉप्टर से पहुंचे. उनके सहयोगी वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने भी भागलपुर और कटिहार में हेलिकॉप्टर से सभाएं कीं. वहीं सत्तारूढ़ दलों के दिग्गज भी पीछे नहीं रहे — गृह मंत्री अमित शाह ने अरवल व सासाराम, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने औरंगाबाद व सासाराम, और योगी आदित्यनाथ ने सुपौल में प्रचार किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने औरंगाबाद व रोहतास में रैलियां कीं, जबकि राहुल गांधी ने किशनगंज व पूर्णिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
हेलिकॉप्टर के किराए ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं. चुनावी दौर में एक प्राइवेट जेट का किराया 4 लाख से लेकर 9 लाख रुपये प्रति घंटे तक पहुंच गया. वहीं 4 यात्रियों को ले जाने वाले सिंगल इंजन हेलिकॉप्टर का किराया करीब 1.5 लाख रुपये और ट्विन इंजन हेलिकॉप्टर का किराया 2.5 से 4 लाख रुपये प्रति घंटा तय हुआ. नेताओं के लिए खास सोफा, वॉशरूम और खानपान जैसी सुविधाएं भी इसमें शामिल रहीं. सूत्रों के मुताबिक, इन उड़ानों पर कुल मिलाकर कई करोड़ रुपये खर्च हुए.
जेडीयू प्रवक्ता बासुदेव कुशवाहा के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोनों चरणों में 84 जनसभाएं कीं, जिनमें से 73 हेलिकॉप्टर के जरिए थीं. वहीं आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि तेजस्वी यादव ने 200 से अधिक जनसभाओं को संबोधित किया. इन आंकड़ों से साफ है कि बिहार के इस चुनाव में प्रचार जमीन पर नहीं, बल्कि हवा में भी खूब लड़ा गया — जहां हेलिकॉप्टरों की गूंज ने राजनीतिक तापमान को और ऊंचा कर दिया.
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