April 21, 2026

अमेरिका ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकी, ट्रंप का विवादास्पद आदेश और ज़ेलेंस्की पर आरोप

वाशिंगटन, 4 मार्च 2025: अमेरिकी और यूक्रेनी नेताओं के बीच बढ़ते तनाव के बीच, व्हाइट हाउस से सोमवार को एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ हुई एक गर्म बहस के बाद, यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने का आदेश दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब ट्रंप ने दावा किया कि ज़ेलेंस्की शांति के लिए प्रतिबद्ध नहीं हैं और जब तक यूक्रेन इस मुद्दे पर गंभीरता से बातचीत नहीं करता, तब तक कोई सैन्य सहायता नहीं दी जाएगी।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने CNN को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यह स्पष्ट किया है कि उनका मुख्य उद्देश्य शांति है, और इसके लिए अमेरिका को अपने भागीदारों से भी उसी दिशा में काम करने की अपेक्षा है। अधिकारी ने बताया, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए सहायता रोक रहे हैं और इसकी समीक्षा कर रहे हैं कि यह शांति समझौते में मदद करेगा।” यह रोक उन सैन्य उपकरणों पर लागू होगी जो अभी यूक्रेन को भेजे नहीं गए हैं। हालांकि, पहले से यूक्रेन को दी गई सैन्य सहायता और हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन जारी रख सकता है।

ज़ेलेंस्की पर गंभीर आरोप और शांति की ओर न बढ़ने का आरोप
ट्रंप के आदेश के बाद, यह जानकारी भी सामने आई कि ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में ज़ेलेंस्की पर आरोप लगाए थे। ट्रंप ने कहा था कि ज़ेलेंस्की “जब तक अमेरिका का समर्थन उनके साथ है, शांति की कोई इच्छा नहीं रखते।” इसी पोस्ट के कुछ घंटों बाद, ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन की सैन्य सहायता रोकने का फैसला लिया। ब्लूमबर्ग न्यूज और फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक कीव यह साबित नहीं करता कि वह शांति के लिए गंभीर है और बातचीत करने के लिए तैयार है।

ट्रंप की दबाव डालने की रणनीति
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को एक इंटरव्यू में कहा कि ज़ेलेंस्की को ट्रंप से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उनके साथ किए गए गलत व्यवहार की कोई जगह नहीं है। CNN के मुताबिक, ट्रंप का यह कदम यूक्रेन पर दबाव डालने की एक रणनीति का हिस्सा है। उनका मानना है कि जब तक यूक्रेन पर दबाव नहीं बनेगा, तब तक वह शांति के लिए गंभीर बातचीत नहीं करेंगे। ट्रंप चाहते हैं कि यूक्रेन युद्ध के बजाय शांति समझौते की दिशा में कदम बढ़ाए, और यह सैन्य सहायता की रोक के जरिए उनकी यह योजना आगे बढ़ सकती है।

इजराइल को मिली अतिरिक्त सहायता, बाइडेन प्रशासन की नीतियों में बदलाव
इस बीच, दूसरी ओर, अमेरिका ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के वाशिंगटन दौरे के बाद इजराइल को दी जाने वाली सैन्य सहायता बढ़ा दी है। इसके साथ ही, बाइडेन प्रशासन ने इजराइल को हथियारों की सप्लाई पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को भी हटा दिया है। नेतन्याहू ने ट्रंप का धन्यवाद किया और अमेरिका को इजराइल का ‘सच्चा मित्र’ बताया। यह कदम अमेरिका और इजराइल के बीच अपने संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।

क्या ट्रंप का फैसला यूक्रेन को शांति की ओर ले जाएगा?
यह सवाल अब अहम बन गया है कि क्या ट्रंप के द्वारा यूक्रेन की सैन्य सहायता रोकने का आदेश सचमुच शांति की दिशा में किसी तरह का असर डाल पाएगा, या यह केवल एक और विवादास्पद कदम साबित होगा? क्या ज़ेलेंस्की इस दबाव को स्वीकार करेंगे और शांति वार्ता में शामिल होंगे? या फिर वह अपनी सैन्य रणनीति को जारी रखते हुए अमेरिका के समर्थन पर निर्भर रहेंगे?

अब सबकी निगाहें यूक्रेन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं, और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन और यूक्रेनी सरकार के बीच संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!