April 25, 2026

अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में दर्दनाक सड़क हादसे में दो भारतीय छात्रों की मौत, भारतीय दूतावास ने जताया शोक

अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य में एक भीषण सड़क हादसे में दो भारतीय छात्रों की जान चली गई। यह हृदयविदारक घटना शनिवार सुबह ब्रेकनॉक टाउनशिप क्षेत्र में पेंसिल्वेनिया टर्नपाइक पर घटी, जब एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले एक पेड़ से जा टकराई और फिर पुल से भिड़ गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि कार में सवार दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को इलाज के लिए पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

इस हादसे में जिन दो भारतीय छात्रों की मौत हुई है, उनकी पहचान क्लीवलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे मानव पटेल (20 वर्ष) और सौरव प्रभाकर (23 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों छात्र अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने आए थे और एक उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदों के साथ जीवन की नई राह पर अग्रसर थे। दुर्भाग्यवश, यह दर्दनाक हादसा उनकी जिंदगी की आखिरी मंज़िल बन गया।

दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कार की गति अत्यधिक तेज थी, जिससे ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और वाहन पेड़ से टकरा गया। फिर कार पलटते हुए पुल से टकरा गई। इस टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कार के अगले हिस्से को भारी क्षति पहुंची और दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई।

न्यूयॉर्क स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अपने आधिकारिक बयान में दूतावास ने लिखा कि उन्हें क्लीवलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी के दो भारतीय छात्रों की दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुर्घटना में मृत्यु की खबर से अत्यंत दुख हुआ है। “इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं,” दूतावास ने कहा। उन्होंने आगे बताया कि वे पीड़ित परिवारों के निरंतर संपर्क में हैं और हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।

दूतावास की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया है कि मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया में सहायता की जा रही है और परिजनों को आवश्यक काउंसलिंग तथा अन्य सहायता प्रदान की जा रही है। यह हादसा भारतीय छात्र समुदाय के लिए एक बड़ा आघात है, जो विदेशों में पढ़ाई के लिए आए हुए छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

यह दुर्घटना न केवल मानवीय दृष्टिकोण से अत्यंत दुखद है, बल्कि यह युवा जीवनों के खोने की वेदना को भी सामने लाती है। ऐसे हादसे हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि तेज रफ्तार, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग को कितना गंभीरता से लिया जाना चाहिए। मानव और सौरव के आकस्मिक निधन से उनके परिवार, मित्र, विश्वविद्यालय समुदाय और सम्पूर्ण प्रवासी भारतीय समाज में शोक की लहर है।

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