भारत को अमेरिका में एक और बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात काला राणा का छोटा भाई और मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर नोनी राणा अमेरिका-कनाडा के नायग्रा बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भागा हुआ था और कनाडा में घुसने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अमेरिकी एजेंसियों ने पहले ही उसे हिरासत में ले लिया। नोनी राणा हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला है और लंबे समय से भारत में दर्ज कई आपराधिक मामलों में वांछित था।
भारत की सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार नोनी राणा विदेश में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग को ऑपरेट कर रहा था। उसकी कई सोशल मीडिया पोस्ट हाल ही में सामने आई थीं, जिनमें उसने हरियाणा में हुई कई वारदातों की जिम्मेदारी ली थी। उसकी सक्रियता बढ़ने के बाद हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां लगातार अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में थीं। अब गिरफ्तारी के बाद उसे भारत लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से भारत डिपोर्ट किया गया था। अनमोल को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 11 दिन की रिमांड पर भेजा गया। इससे पहले भी बिश्नोई गैंग के कई सदस्य विदेश में पकड़े जा चुके हैं। इस हफ्ते की कार्रवाई को गैंग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
नोनी राणा के नेटवर्क से जुड़े अपराधियों पर भी पुलिस पहले से कार्रवाई कर चुकी है। इसी साल सितंबर में गैंग से जुड़े शूटर अमन का एनकाउंटर हुआ था। यह वही शूटर था जिसने बरनाला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में फायरिंग की थी, लाडवा की शराब दुकान पर हमला किया था और साथियों के साथ मिलकर हथियार के बल पर बाइक लूटी थी। एनकाउंटर में अमन को दबोच लिया गया था।
अमेरिका में नोनी राणा की गिरफ्तारी से लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ गया है। भारत अब उसके प्रत्यर्पण की औपचारिक प्रक्रिया को जल्दी पूरा करने की कोशिश कर रहा है, ताकि उसके खिलाफ चल रही जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
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