लद्दाख हिंसा के बाद सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरी AAP
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बोला हमला, कहा – “ऐसे कैसे तरक्की करेगा देश”
लद्दाख में हुई हिंसा के बाद से हालात तनावपूर्ण हैं और केंद्र सरकार ने इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है। गृह मंत्रालय का कहना है कि उनके बयानों से प्रदर्शनकारी उग्र हुए। इसी आधार पर वांगचुक के NGO हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) का लाइसेंस रद्द कर दिया गया और विदेशी फंडिंग की जांच भी शुरू कर दी गई है। हालांकि, इन कार्रवाइयों का आम आदमी पार्टी ने विरोध किया है और वांगचुक के समर्थन में खुलकर सामने आई है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जो व्यक्ति देश, शिक्षा और नवाचार के बारे में सोचता है, उसे प्रताड़ित करना बेहद दुखद है। उन्होंने केंद्र सरकार पर ‘घटिया राजनीति’ करने का आरोप लगाया और सवाल किया कि ऐसी परिस्थितियों में देश कैसे तरक्की करेगा। केजरीवाल ने यह भी कहा कि भारत ने आजादी इसलिए नहीं ली थी कि जनता अंग्रेजों की जगह किसी और की गुलामी करे।
आम आदमी पार्टी ने वांगचुक को लोकतांत्रिक मूल्यों की आवाज बताया। केजरीवाल ने कहा कि लद्दाख की जनता सिर्फ अपने अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक संरचना की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने यह भी चेताया कि अगर आज उनकी आवाज दबाई गई तो कल यह पूरे देश की आवाज बन जाएगी।
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने भी सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने लोगों से राय मांगी कि अगर वांगचुक को झूठे आरोपों में गिरफ्तार किया गया तो क्या दिल्ली में बड़ा शांतिपूर्ण आंदोलन होना चाहिए। इस बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
वहीं, गृह मंत्रालय का कहना है कि वांगचुक ने अपने बयानों से माहौल बिगाड़ा और भीड़ को उकसाया। हालांकि, वांगचुक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है और इससे हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ेंगे। इस बीच CBI जांच और NGO का लाइसेंस रद्द होने के बाद उनके सामने कानूनी मुश्किलें और गहराती दिख रही हैं।
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