वॉशिंगटन: वेस्ट बैंक पर कब्जे की धमकी से नाराज़ हुए ट्रंप, कहा – “इजराइल को ऐसा करने नहीं दूंगा”
संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर अरब नेताओं से मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा बयान, नेतन्याहू पर बढ़ सकता है दबाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके मंत्रिमंडल को वेस्ट बैंक एनेक्सेशन की धमकी पर कड़ी चेतावनी दी है। वॉशिंगटन में ओवल ऑफिस से बोलते हुए ट्रंप ने साफ कहा, “मैं इजराइल को वेस्ट बैंक पर कब्जा करने की इजाजत नहीं दूंगा। ऐसा नहीं होगा। अब बहुत हो चुका है, इसे यहीं रोकना होगा।” ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान उनकी कई अरब और मुस्लिम नेताओं के साथ अहम बैठक हुई।
दरअसल, हाल ही में इजराइली नेताओं ने संकेत दिया था कि अगर पश्चिमी देश फिलिस्तीन को राज्य के रूप में मान्यता देना जारी रखते हैं, तो इजराइल वेस्ट बैंक पर कब्जा कर सकता है। यह बयान उस वक्त आया जब प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पहले ही फिलिस्तीनी राज्य न बनने देने की कसम खा ली थी। वहीं, इजराइल वेस्ट बैंक में अपनी गतिविधियों को लगातार तेज कर रहा है। इसी बीच ट्रंप का यह सार्वजनिक बयान अरब और मुस्लिम देशों के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।
न्यूज़ एजेंसी एएफपी के मुताबिक, ट्रंप से पूछा गया था कि क्या उन्होंने न्यूयॉर्क में हुई मुलाकातों के दौरान अरब नेताओं से वादा किया था कि वेस्ट बैंक एनेक्सेशन को रोका जाएगा। इस सवाल पर ट्रंप ने बेबाकी से जवाब दिया और साफ कहा कि अमेरिका ऐसी किसी भी कार्रवाई की इजाजत नहीं देगा। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दुआन ने बैठक के बाद कहा था कि ट्रंप से हुई बातचीत सकारात्मक रही और उम्मीद है कि इससे हालात पर असर पड़ेगा।
ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है जब गाजा युद्ध भी एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बना हुआ है। अरब देशों ने अमेरिका से गाजा में युद्ध खत्म कराने की मांग की है। हालांकि ट्रंप ने इस पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है, लेकिन वेस्ट बैंक पर इजराइल की योजना को रोकने का वादा जरूर किया। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका अब इजराइल पर सीमित दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि सैन्य और कूटनीतिक सहयोग फिलहाल जारी रहेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख नेतन्याहू सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। अमेरिका का समर्थन इजराइल की नीतियों के लिए हमेशा अहम रहा है और अगर वेस्ट बैंक मुद्दे पर व्हाइट हाउस ने स्पष्ट विरोध दर्ज कराया है तो इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि इजराइल को छोड़कर बाकी सभी मुल्कों के साथ उनकी बैठकें सकारात्मक रहीं और अब अगला कदम इजराइली नेतृत्व से बातचीत का होगा।
फिलहाल, ट्रंप के इस बयान ने अरब और मुस्लिम नेताओं को राहत जरूर दी है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब अमेरिका इजराइल पर अपने इस वादे को लागू करने के लिए वास्तविक दबाव डालेगा। वेस्ट बैंक पर कब्जा रोकने की यह कोशिश मध्य-पूर्व में शांति बहाल करने की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित हो सकती है।
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