राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़, मजिस्ट्रेट के सामने बयान से पलटे दो आरोपी, क्या सोनम को मिलेगी राहत?
शिलांग में चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस केस में सोनम रघुवंशी की मदद करने के आरोप में पकड़े गए तीन में से दो आरोपी—आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी—ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने से इनकार कर दिया है। गुरुवार को जब उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, तो दोनों ने चुप्पी साध ली। यह घटनाक्रम पुलिस की उस थ्योरी के विपरीत है, जिसमें कहा गया था कि सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
शिलांग के एसपी हर्बर्ट पिनियाड खारकोंगोर ने बताया कि आरोपी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे, लेकिन पुलिस के पास आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भले ही बीएनएसएस की धारा 180 के तहत दर्ज बयान जांच में मदद करते हैं, लेकिन धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया बयान ही अदालत में मजबूत आधार बनता है।
इस केस में आनंद और आकाश पर सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाह की मदद करने का आरोप है। तीसरे आरोपी विशाल सिंह चौहान के साथ मिलकर इन तीनों ने राजा की हत्या में साथ दिया था। इंदौर निवासी राजा ने 11 मई को सोनम से शादी की थी, हालांकि सोनम का पहले से ही राज के साथ रिश्ता था। राज उसके परिवार के फर्नीचर शीट कारोबार में अकाउंटेंट था।
अब तक की जांच में पुलिस को एक गाड़ी से बंदूक, कारतूस और 50,000 रुपये नकद बरामद हुए हैं। राज और आकाश ने एक बैग में हथियार होने की बात बताई थी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि राजा का लैपटॉप आखिर कहां गया। आरोपियों ने दावा किया था कि उसे फेंक दिया गया, लेकिन पुलिस को शक है कि हो सकता है वह कहीं छिपा हो।
गौरतलब है कि शादी के बाद राजा और सोनम 23 मई को मेघालय के नोंगरियाट गांव में हनीमून पर गए थे। वहीं से चेक आउट करने के कुछ घंटों बाद दोनों लापता हो गए थे। बाद में 2 जून को राजा का शव बरामद हुआ, जिससे इस हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ।
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