स्वास्थ्य विभाग से नाराज़ महिला कार्यकर्ताओं ने मंत्री आवास घेरा, राहत न मिलने पर आंदोलन की दी चेतावनी।
उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की उदासीन व्यवस्था व सूबे के मुख्यमंत्री की अनदेखी का एक बहुत बड़ा उदाहरण आज प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देखने को मिला, जहां इतनी प्रचंड गर्मी के बावजूद प्रदेश भर के कोने-कोने से आई हुई महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता स्वास्थ्य मंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री के दरवाजे पर न्याय की गुहार लगाते हुए नजर आई।
लेकिन विडंबना तो देखिए.. ना तो इनकी बात इनके अपने विभाग के माननीय स्वास्थमंत्री सुनने को तैयार है और ना ही सूबे के मुखिया के कानो तक इनकी आवाज पहुंच रही है..
आइए जानते है क्या है पूरा मामला..
दरअसल स्वास्थ्य विभाग में एएनएम रेगुलर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत महिलाकर्मियों ने अपने स्थानांनतरण को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगा रही हैं। गौरतलब है कि अपने गृह जनपद से दूर दराजे के इलाकों में तैनात यह महिला स्वास्थ्यकर्मी लंबे समय से अपने गृह जनपद के आसपास तैनाती को लेकर परेशान हैं।
केंद्र नेवादा जनपद कौशाम्बी में कार्यरत एकता जो कि विकलांग हैं और वह अपना स्थानांनतरण अपने गृह जनपद बलिया, आजमगढ़ और मऊ में स्थानांनतरण चाहती हैं। उनका कहना है कि बुजुर्ग सास और ससुर की देखभाल करने वाला कोई नहीं हैं। जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में एएनएम रेगुलर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत तमाम महिलाकर्मियों ने अपने गृह जनपद के आसपास ट्रांसफर को लेकर लगातार सरकार से गुहार लगा रही हैं, पर इन सबकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
इस मुद्दे को लेकर जब इन महिला कार्यकर्ताओं ने सर्वजन हित पार्टी को अपनी व्यथा बताई, तू सर्जनहित पार्टी ने आश्वासन देते हुए कहा कि हम सड़क से सत्ता तक हर तरह से आपकी बात शासन तक पहुंचाएंगे और यदि सरकार नहीं मानती है तो हम वृहद आंदोलन करके आपको न्याय दिलाएंगे
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