लखनऊ में मां के सामने बेटे की बेरहमी से हत्या, बचपन के प्रेम-प्रसंग ने ली जान
लखनऊ के रहीमाबाद इलाके में एक खौफनाक वारदात ने पूरे गांव को हिला दिया। मवई कला गांव में रविवार देर रात 35 वर्षीय संजय की उसकी मां के सामने ही धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक की मां बार-बार हाथ जोड़कर विनती करती रही, लेकिन हत्यारे नहीं रुके। संजय की हत्या चारा काटने वाले बांके से की गई और इतना बेरहमी से किया गया कि वह भागते-भागते नहर में जा गिरा, फिर भी हमलावरों ने उसे वहीं मौत के घाट उतार दिया।
मृतक की मां ने बताया कि देर रात करीब डेढ़ बजे दो युवक दरवाजा खटखटा कर संजय को बुला रहे थे। जैसे ही दरवाजा खोला, एक ने उनके गले पर हाथ डाल कर धक्का दिया और दूसरा संजय की तरफ बढ़ गया। संजय ने जैसे ही बाहर निकलने की कोशिश की, दोनों हमलावरों ने उस पर बांके से हमला कर दिया। संजय ने जान बचाने के लिए घर के अंदर और फिर बाहर भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावर पीछा करते हुए पास की नहर तक पहुंचे और वहीं उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मां बार-बार चीखती रही, हाथ जोड़ती रही, लेकिन आरोपियों ने एक न सुनी।
प्रेम-प्रसंग बना हत्या की वजह, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि संजय तीन बच्चों का पिता था और शादीशुदा होने के बावजूद उसका संपर्क दोबारा अपनी बचपन की प्रेमिका मीरा से हो गया था। मीरा की भी शादी हो चुकी थी और उसका 18 साल का बेटा है। मीरा के पति सुनील को इस रिश्ते की जानकारी हो गई थी और वह लगातार संजय को धमकाता रहता था। पुलिस को पूछताछ में मीरा ने बताया कि हत्या उसी के पति सुनील ने की है। फिलहाल पुलिस ने सुनील समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
मामले की पुष्टि करते हुए एडीसीपी नॉर्थ जितेंद्र कुमार दुबे ने कहा कि रहीमाबाद पुलिस को जैसे ही घटना की सूचना मिली, टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जल्द ही चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।
वहीं, संजय की मां सदमे में हैं। वह बार-बार यही कह रही हैं, “काश, मैं दरवाजा न खोलती, तो मेरा बेटा आज जिंदा होता।” गांव के लोगों का कहना है कि संजय एक शांत और जिम्मेदार व्यक्ति था, लेकिन निजी रिश्तों में उलझाव ही उसकी जान का कारण बन गया। यह वारदात अब इलाके में चर्चा का विषय बन चुकी है और लोग गहरे आक्रोश में हैं।
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