अफगानिस्तान और बलूचिस्तान के बीच उलझा पाकिस्तान, हथियारबंद हमले में तीन पुलिसकर्मियों की हत्या
पाकिस्तान का अशांत बलूचिस्तान प्रांत एक बार फिर आतंक की चपेट में आ गया है। राजधानी क्वेटा के सरीआब इलाके में कुछ नकाबपोश हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस के गश्ती वाहन को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में एक पुलिस इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमले के समय सभी पुलिसकर्मी एक चाय की दुकान के पास खड़ी अपनी वैन में मौजूद थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार नकाबपोश हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी और मौके से फरार हो गए। क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी खुदा बख्श ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।
लगातार हो रहे हमलों से पाकिस्तान में बढ़ा खतरा
बलूचिस्तान में पिछले कुछ समय से हमलों की रफ्तार तेज हो गई है। इससे पहले नोश्की क्षेत्र में एक गोलीबारी में पाकिस्तान फ्रंटियर कोर का एक सैनिक मारा गया था। इन घटनाओं ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा को गहरा झटका दिया है। गुरिल्ला शैली में किए जा रहे ये हमले अब आम बात हो गए हैं और सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।
बलूच विद्रोही गुट अक्सर सुरक्षाबलों, सरकारी परियोजनाओं और खास तौर पर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) से जुड़ी परियोजनाओं को निशाना बनाते हैं। यह प्रांत तेल और खनिज संसाधनों से समृद्ध है, जिस पर अलगाववादी गुटों की भी नजर है।
अफगानिस्तान से तनाव ने बढ़ाई मुश्किलें
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की अफगानिस्तान और बलूचिस्तान के साथ बढ़ती तनातनी ने हालात को और बिगाड़ दिया है। सीमा पार से मिल रही मदद और समर्थन से विद्रोही संगठनों के हौसले बुलंद हैं। ऐसे में पाकिस्तान एक बार फिर दो मोर्चों पर उलझ गया है—एक तरफ अफगान सीमा पर असुरक्षा और दूसरी तरफ बलूचिस्तान में बढ़ते हमले।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ती जा रही है कि कहीं हालात नियंत्रण से बाहर न हो जाएं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं।
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