रामनवमी पर अयोध्या में होगी ऐतिहासिक भव्यता, श्रीराम मंदिर के लिए तैयारियां जारी
रामनवमी का पर्व इस बार अयोध्या में ऐतिहासिक रूप से मनाया जाएगा, क्योंकि श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसके लिए दिव्य और भव्य तैयारियां की हैं। पिछले साल प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह लगातार दूसरा साल है, जब रामनवमी पर इतने विशाल आयोजन हो रहे हैं। ट्रस्ट ने इस बार के आयोजन के लिए एक विशेष मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जारी किया है, जिसमें हर गतिविधि को निर्धारित समय पर निभाया जाएगा। इस बार रामलला का एक घंटे का अभिषेक होगा और इसके बाद 4 मिनट तक सूर्यतिलक किया जाएगा। साथ ही, 56 भोग भी सजाए जाएंगे।
रामनवमी के दिन श्रद्धालुओं के लिए तैयारियां पहले से ही जोरों पर हैं। यह साल 2024 का पहला रामनवमी आयोजन है, जब मंदिर में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरा बड़ा अवसर होगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए श्रीराम मंदिर ट्रस्ट ने हर छोटी से छोटी व्यवस्था की है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंदिर की सजावट, पानी की टोटियां, ठंडा पानी, और अन्य सुविधाओं की तैयारी पहले से ही की जा चुकी है। श्रद्धालुओं के लिए गर्मी के मौसम में ठंडक के लिए कूलर भी सड़कों पर लगाए जाएंगे।
इस बार, जब रामलला का अभिषेक होगा, तब यह एक दृश्य नयनाभिराम होगा, क्योंकि इसके बाद सूर्यतिलक और भगवान का श्रृंगार होगा, जो हर किसी को एक नई दिव्यता का अहसास कराएगा। राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने जानकारी दी है कि इस दिन के खास कार्यक्रमों में बाल्मीकि रामायण और श्रीराम चरित मानस का पारायण होगा और यज्ञशाला में प्रतिदिन आहुतियां पड़ी जाएंगी। इसके अलावा, अंगद टीला परिसर में 9 दिनों तक अतुल कृष्ण भारद्वाज द्वारा कथा प्रवचन होगा।
सभी श्रद्धालुओं के आराम और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह क्यू मैनेजमेंट और ठंडा पानी और पंखों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे गर्मी में किसी को कोई परेशानी न हो। ट्रस्ट के अनुसार, गर्मी के कारण फूल नहीं लगाए जाएंगे, लेकिन विद्युत अलंकरण और दीप जलाए जाएंगे, जिससे राम मंदिर का वातावरण दिव्य और भक्तिमय बनेगा।
रामनवमी पर श्रीराम मंदिर का कार्यक्रम:
- 9:30 बजे प्रभु श्रीराम का अभिषेक शुरू होगा।
- 10:30 बजे पट बंद कर भगवान का श्रृंगार होगा।
- 10:50 बजे भगवान का अभिषेक और श्रृंगार दर्शन होगा, जिसका सीधा प्रसारण देश-विदेश में किया जाएगा।
- 11:50 बजे पट बंद होगा और भोग की तैयारी की जाएगी।
- 12:00 बजे भगवान का जन्म होगा, सूर्य तिलक और प्राकट्य की आरती होगी, इस दौरान 56 भोग लगेंगे।
इस भव्य आयोजन के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या में तैयारियों को लेकर जो व्यापक कार्य चल रहे हैं, वह निश्चित ही रामनवमी की इस खास तिथि को यादगार बना देंगे।
Share this content:
