नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सर्कल रेट में 30% तक वृद्धि, रजिस्ट्री महंगी होने की संभावना
दिल्ली एनसीआर के गौतमबुद्ध नगर में फ्लैटों की रजिस्ट्री में आने वाले समय में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। बुधवार को जिला प्रशासन ने सर्कल रेट में बढ़ोतरी के प्रस्ताव का ड्राफ्ट जारी किया, जिसके अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रजिस्ट्री के शुल्क में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा सकती है। यह बढ़ोतरी आने वाले समय में फ्लैट खरीदने वाले लोगों पर बड़ा आर्थिक बोझ डाल सकती है, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल मच गई है।
9 साल बाद सर्कल रेट में हुई बढ़ोतरी की घोषणा
प्रस्तावित ड्राफ्ट के अनुसार, नोएडा में सर्कल रेट में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि ग्रेटर नोएडा में यह बढ़ोतरी 30 प्रतिशत तक हो सकती है। यह बढ़ोतरी रियल एस्टेट निवेशकों और फ्लैट खरीदारों के लिए बड़ा झटका हो सकती है। प्रशासन ने इस ड्राफ्ट को पब्लिक डोमेन में डाल दिया है, और 5 अप्रैल तक आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद इस प्रस्ताव को लागू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2015 में सर्कल रेट में वृद्धि की गई थी, और अब 9 साल बाद यह बढ़ोतरी की जा रही है, जो कि दिल्ली एनसीआर के रियल एस्टेट सेक्टर को प्रभावित कर सकती है।
फ्लैटों की रजिस्ट्री महंगी, मेट्रो लाइन के पास के फ्लैट्स पर ज्यादा असर
नए ड्राफ्ट के अनुसार, जिन फ्लैट्स की लोकेशन मेट्रो लाइन के 500 मीटर के एरिया में है, उन फ्लैट्स की रजिस्ट्री पर अतिरिक्त 5 से 12.5 प्रतिशत तक महंगाई का बोझ पड़ेगा। इसका असर खासतौर पर उन सोसायटीज पर होगा, जो मेट्रो लाइन के करीब स्थित हैं। ऐसे में रजिस्ट्री शुल्क में यह अतिरिक्त बढ़ोतरी निवेशकों के लिए एक नया वित्तीय दबाव उत्पन्न करेगी।
लोकेशन चार्ज को जोड़ा गया सर्कल रेट में
इस बार जिला प्रशासन ने सर्कल रेट में एक नया शुल्क जोड़ा है, जिसे लोकेशन चार्ज के नाम से जाना जाएगा। यह चार्ज विशेष रूप से मेट्रो लाइन के आसपास स्थित फ्लैट्स पर लागू होगा। इस नए बदलाव से सर्कल रेट में वृद्धि केवल सामान्य दरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लोकेशन के हिसाब से एक अतिरिक्त बोझ भी खरीदारों को उठाना पड़ेगा।
सर्कल रेट में 15% की प्रस्तावित वृद्धि
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के क्षेत्र में आने वाले संस्थागत भूखंडों के सर्कल रेट में भी 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है। यह बढ़ोतरी इन क्षेत्रों में रियल एस्टेट के निवेशकों को एक और आर्थिक चुनौती प्रदान करेगी, क्योंकि सर्कल रेट में यह वृद्धि सीधे उनके वित्तीय आंकलन को प्रभावित करेगी।
प्रशासन ने किया ड्राफ्ट जारी, 5 अप्रैल तक आपत्ति का समय
सर्कल रेट में इस बढ़ोतरी के ड्राफ्ट को जिला प्रशासन ने बुधवार को पब्लिक डोमेन में जारी किया है। लोग अब 5 अप्रैल तक इस ड्राफ्ट पर अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। इसके बाद प्रशासन आपत्तियों का निस्तारण करेगा और फिर बढ़ोतरी को लागू किया जाएगा। यह कदम रियल एस्टेट बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा, और फ्लैट खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए यह एक बड़ा वित्तीय निर्णय होगा।
रियल एस्टेट बाजार पर पड़ सकते हैं दूरगामी प्रभाव
सर्कल रेट में इस तरह की बढ़ोतरी से रियल एस्टेट बाजार में मंदी या मंदी जैसी स्थितियों का सामना हो सकता है। पहले ही कोरोना महामारी के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में बहुत उतार-चढ़ाव आया था, और अब इस नई वृद्धि से बाजार में गिरावट या निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, इस कदम का उद्देश्य सरकारी खजाने की वृद्धि करना और रियल एस्टेट के बाजार को पुन: स्वरूपित करना है, लेकिन यह खरीदारों के लिए एक बड़ा खर्च हो सकता है।
अब देखना यह है कि 5 अप्रैल के बाद यह प्रस्ताव लागू होता है या प्रशासन से कोई बदलाव होता है। आने वाले समय में रियल एस्टेट निवेशक और खरीदार इस निर्णय के प्रभाव को लेकर चिंतित नजर आ सकते हैं।
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