“संभल में 123 जर्जर मकानों और दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर एक्शन, नोटिस जारी”
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इस कड़ी में अब नगर पालिका ने 123 जर्जर मकानों और दुकानों के मालिकों को नोटिस जारी किया है। इन भवनों को उनके खराब और जर्जर स्थिति के चलते नोटिस भेजे गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि यदि इन भवनों के मालिक अपनी संपत्ति को स्वेच्छा से नहीं तोड़ते, तो नगर पालिका उन्हें तोड़ने के लिए बुलडोजर की कार्रवाई करेगी।
दरअसल, यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों से की जा रही है क्योंकि ये भवन किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इन जर्जर भवनों से जान-माल का खतरा हो सकता है, जिससे प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणि भूषण तिवारी ने बताया कि नगर पालिका अधिनियम 1916 के तहत पूरे शहर में सर्वे किया गया था, जिसके बाद ये 123 भवन चिन्हित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
इससे पहले, प्रशासन ने शाही जामा मस्जिद की जर्जर दुकानों को तोड़ने के लिए नोटिस जारी किया था। मस्जिद कमेटी ने प्रशासन के आदेश का पालन करते हुए स्वेच्छा से इन दुकानों को तोड़ दिया था। अब, इन 123 मकानों और दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चल सकता है, अगर इनका मालिक खुद इनको नहीं तोड़ते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इन जर्जर भवनों से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे न केवल संपत्ति का नुकसान होगा, बल्कि लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। इसलिए, प्रशासन ने इन भवनों के मालिकों को नोटिस देकर उन्हें खुद से अपने भवनों को ढहाने का अवसर दिया है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो प्रशासन को इन भवनों को तोड़ने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल करना पड़ेगा।
इस पूरे मामले में प्रशासन का कहना है कि यह कदम शहर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन भवनों से संबंधित कोई भी जान-माल का नुकसान न हो। अब देखना यह है कि क्या मकान और दुकान मालिक अपनी संपत्तियों को स्वेच्छा से तोड़ते हैं, या प्रशासन को अपनी कार्रवाई करनी
पड़ेगी।
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