सीएम योगी ने एम्स गोरखपुर में 500 बेड की क्षमता वाले विश्राम सदन का किया शिलान्यास
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 500 बेड क्षमता वाले विश्राम सदन का शिलान्यास किया। यह विश्राम सदन पूर्वी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा विश्राम सदन होगा और पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की सीएसआर निधि से बनाया जा रहा है। 44.34 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस विश्राम सदन से मरीजों के साथ आने वाले अटेंडेंट्स को बेहतर आश्रय की सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में डॉक्टरों की सबसे बड़ी पहचान उनकी संवेदना होती है। यदि किसी डॉक्टर के मन में संवेदना नहीं है तो वह डॉक्टर कहलाने का अधिकारी नहीं हो सकता। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि वे मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने की प्रवृत्ति से बचें और क्रिटिकल केयर प्रदान करने में जोखिम लेने की आदत डालें।
सीएम ने आगे बताया कि गोरखपुर में एम्स की स्थापना की कल्पना 2003 में की गई थी, और 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संस्थान का शिलान्यास किया था। एम्स गोरखपुर का उद्घाटन 2021 में हुआ और यह अब लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान का उद्देश्य केवल इलाज नहीं, बल्कि मरीजों और उनके अटेंडेंट्स की पूरी देखभाल है।
मुख्यमंत्री ने एम्स गोरखपुर में अटेंडेंट्स के लिए बेहतर आवास व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विश्राम सदन के निर्माण का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में मरीजों के साथ आने वाले अटेंडेंट्स को अक्सर सड़कों पर या खुले में रहना पड़ता है, जो अमानवीय है। विश्राम सदन का निर्माण इन लोगों के लिए एक बड़ी राहत होगी।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों के लिए शुरू किए गए रियायती भोजन मॉडल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एक समय इंसेफेलाइटिस के दौरान बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों को भोजन की भारी समस्या थी, जिसे हल करने के लिए आठ रुपये में भोजन की व्यवस्था की गई। आज भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज और गुरु गोरखनाथ अस्पताल में तीमारदारों को दस रुपये में भरपेट भोजन मिल रहा है।
सांसद रविकिशन शुक्ल ने भी इस अवसर पर कहा कि एम्स गोरखपुर की स्थापना का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है, जिन्होंने इस संस्थान के लिए खून-पसीना बहाया है।
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