संभल की शाही जामा मस्जिद में ASI की एंट्री, रंगाई-पुताई को लेकर बड़ा कदम या नई जांच की तैयारी?
उत्तर प्रदेश के संभल में स्थित शाही जामा मस्जिद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, लेकिन हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद की बाहरी दीवारों पर सफेदी की अनुमति देकर इस विवाद पर अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने इसे न्याय की जीत बताया। लेकिन अब इस मस्जिद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम पहुंच रही है, जिससे नए सवाल खड़े हो गए हैं।
ASI की टीम क्यों पहुंच रही मस्जिद में?
कोर्ट के फैसले के बाद ASI की टीम रंगाई-पुताई के कार्य की निगरानी करने के लिए जामा मस्जिद का दौरा करेगी। टीम ने पहले ही मस्जिद के ऊपरी हिस्से और रंगाई वाले क्षेत्र का मुआयना किया था। इसके अलावा, मस्जिद की दीवारों की माप भी ली गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जब तक ASI की टीम वहां मौजूद नहीं होगी, तब तक रंगाई-पुताई का काम शुरू नहीं किया जाएगा।
रंगाई-पुताई के लिए कोर्ट की अनुमति क्यों मांगी गई थी?
शाही जामा मस्जिद कमेटी ने मस्जिद में सफेदी और रंगाई के लिए सिविल रिवीजन याचिका दायर की थी। मस्जिद के सदर जफर अली ने कोर्ट के फैसले के बाद अल्लाह और अदालत का शुक्रिया अदा किया और कहा कि वह ASI के साथ मिलकर मस्जिद की रंगाई करवाएंगे।
क्या यह सिर्फ रंगाई का मामला है या कुछ और?
मस्जिद के सदर जफर अली ने कहा था कि अगले सात दिनों में रंगाई-पुताई का काम शुरू हो जाएगा और संभव हुआ तो यह जल्द पूरा भी कर लिया जाएगा। इसी क्रम में अब मजदूर मस्जिद में पहुंच चुके हैं और ASI की टीम भी अपनी निगरानी के लिए तैयार है।
हालांकि, ASI की मौजूदगी सिर्फ निगरानी के लिए है या इसके पीछे कोई अन्य कारण छिपा है, इस पर अब बहस तेज हो गई है। क्या यह महज रंगाई-पुताई तक सीमित रहेगा या फिर कोई नई जांच की शुरुआत होने वाली है? आने वाले दिनों में य
ह साफ हो जाएगा।
Share this content:
