दिल्ली में सत्ता का उलटफेर या ‘आप’ की हैट्रिक? शुरुआती रुझानों ने बढ़ाई सियासी हलचल
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों का इंतजार खत्म होने वाला है। सभी 70 सीटों पर वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है और शुरुआती रुझान भी आने लगे हैं। चुनाव आयोग (ECI) के अनुसार, मतगणना के लिए दिल्ली के 11 जिलों में 19 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कुल 5,000 कर्मचारियों को मतगणना प्रक्रिया के लिए तैनात किया गया है।
इस चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी कर पाएगी या 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) दिल्ली में सरकार बनाएगी, यह कुछ ही घंटों में साफ हो जाएगा। वहीं, कांग्रेस भी लंबे समय बाद वापसी की उम्मीद में नजर गड़ाए बैठी है।
क्या आम आदमी पार्टी के बड़े चेहरे फंस गए?
शुरुआती रुझानों में आम आदमी पार्टी के लिए झटका देने वाली खबर सामने आई है। पोस्टल बैलेट की गिनती के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आतिशी और मनीष सिसोदिया तीनों पीछे चल रहे हैं। हालांकि, अभी मुख्य ईवीएम के वोटों की गिनती जारी है, जिससे हालात बदल भी सकते हैं। लेकिन इन शुरुआती आंकड़ों ने आम आदमी पार्टी के खेमे में हलचल मचा दी है।
“आप भारी बहुमत से सरकार बना रही है” – जैस्मिन शाह
बदले हुए सियासी समीकरणों के बीच आम आदमी पार्टी के नेता जैस्मिन शाह ने दावा किया कि उनकी पार्टी भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा, “यह कोई साधारण चुनाव नहीं था। एक तरफ आम आदमी पार्टी थी, जबकि दूसरी तरफ पूरी व्यवस्था थी। यह ‘आप’ और भाजपा के दो अलग-अलग मॉडल की लड़ाई थी, और हमें पूरा भरोसा है कि जनता ने हमारे विकास मॉडल को चुना है।”
बीजेपी की शुरुआती बढ़त, क्या संकेत दे रहे हैं रुझान?
ओखला मतगणना केंद्र से मिले रुझानों के अनुसार, तुगलकाबाद, संगम विहार और बदरपुर सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है। हालांकि, अभी तक स्पष्ट आंकड़े नहीं मिले हैं, लेकिन ये संकेत बीजेपी के लिए अच्छे माने जा रहे हैं।
चुनाव आयोग के ताजा अपडेट के मुताबिक, अब तक 8 सीटों पर रुझान आए हैं, जिनमें से 6 सीटों पर बीजेपी बढ़त बनाए हुए है। शाहदरा, विश्वास नगर और कालकाजी में भी बीजेपी आगे चल रही है। अगर यह रुझान बरकरार रहते हैं, तो दिल्ली में बीजेपी के लिए बड़ी वापसी हो सकती है।
क्या दिल्ली में बदलेगा सियासी गणित?
दिल्ली की राजनीति के इस रोमांचक मोड़ पर सवाल यह है कि क्या आम आदमी पार्टी शुरुआती झटकों से उबरकर सत्ता बरकरार रख पाएगी, या बीजेपी 27 साल के लंबे इंतजार के बाद दिल्ली की गद्दी पर काबिज होगी? क्या कांग्रेस वापसी के संकेत दे पाएगी? इन सभी सवालों के जवाब कुछ ही
घंटों में मिल जाएंगे।
Share this content:
