April 21, 2026

ईरान ने आखिरी वक्त तक नहीं मानी हार, दो फोन कॉल ने टाल दी जंग

ईरान और इजराइल के बीच तनाव अपने चरम पर था, लेकिन अंतिम समय में हुए दो अहम फोन कॉल्स ने युद्ध को टाल दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर की सिफारिश पर मध्यपूर्व के दूत विटकॉफ को ईरान से संपर्क करने को कहा। विटकॉफ ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघाची से संपर्क किया, जिन्होंने बातचीत की शर्त रख दी—यदि इजराइल हमला रोकेगा, तभी ईरान आगे बात करेगा।

इससे पहले ईरान ने कतर पर मिसाइलें दाग दी थीं, जिनमें छह मिसाइलें दोहा स्थित अमेरिकी एयरबेस पर भी गिरीं। इससे कतर में हड़कंप मच गया और अमीर तथा प्रधानमंत्री ने अमेरिका से हस्तक्षेप की मांग की। कतर को डर था कि हमला और बढ़ सकता है।

विटकॉफ के आश्वासन के बाद कि इजराइल अगले 24 घंटे तक कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा, ईरान सहमत हो गया और व्हाइट हाउस को यह संदेश भेजा गया। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने आधिकारिक रूप से सीजफायर की घोषणा कर दी।

हालांकि, तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अमेरिका और इजराइल की योजना थी कि ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए, इसी कारण तीन न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया गया। लेकिन ईरान का कहना है कि वहां यूरेनियम मौजूद ही नहीं था। ब्रिटिश रिपोर्ट्स बताती हैं कि हमला होने से पहले ईरान ने 400 किलोग्राम यूरेनियम को गुप्त रूप से कहीं और शिफ्ट कर दिया था।

इजराइल का अनुमान है कि ईरान अगले एक-दो साल में परमाणु बम नहीं बना पाएगा, लेकिन हालात किस ओर मुड़ेंगे, यह पूरी तरह ईरान की अगली चाल पर निर्भर करेगा।

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