सर्दियों में ठंडा पानी नहीं, गुनगुना पानी क्यों माना जाता है सेहत के लिए बेहतर विकल्प
सर्दियों का मौसम आते ही खानपान और दिनचर्या में कई बदलाव हो जाते हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही लोगों की पानी पीने की आदत भी प्रभावित होती है। कई लोग ठंडा पानी पीने से बचते हैं, तो कुछ आदतन वही पानी पीते रहते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ठंड के मौसम में गुनगुना पानी पीना शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। यह न सिर्फ शरीर को अंदर से गर्म रखता है, बल्कि कई मौसमी समस्याओं से भी राहत दिलाता है।
दिल्ली एमसीडी में कार्यरत डॉ. अजय कुमार के अनुसार, सर्दियों में गुनगुना पानी पीने से शरीर को हल्की गर्माहट मिलती है, जिससे ठंड का असर कम महसूस होता है। यह पाचन तंत्र को सक्रिय रखता है और गैस, अपच व कब्ज जैसी आम समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। ठंड के मौसम में मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है, ऐसे में गुनगुना पानी पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाए रखने में सहायक होता है।
गुनगुना पानी शरीर से विषैले तत्व यानी टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी मदद करता है। इससे किडनी और लिवर बेहतर तरीके से काम कर पाते हैं। इसके अलावा सर्दियों में जोड़ों की जकड़न और मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत आम होती है, जिसमें गुनगुना पानी पीने से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। गले में खराश, सूखापन और सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं में भी यह आराम पहुंचाता है।
इम्यूनिटी के लिहाज से भी गुनगुना पानी फायदेमंद माना जाता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सकती है, जिससे मौसमी बीमारियों का खतरा कम होता है। खासतौर पर सुबह खाली पेट एक या दो गिलास गुनगुना पानी पीना शरीर को डिटॉक्स करने में मददगार हो सकता है।
जहां तक पानी की मात्रा की बात है, तो सर्दियों में प्यास कम लगने के बावजूद शरीर को पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। सामान्य तौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन में करीब 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए। पानी को एक साथ ज्यादा पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिनभर पीना बेहतर होता है। इसके साथ ही सूप, तरल चीजें, हल्की एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद भी अच्छी सेहत के लिए जरूरी मानी जाती है।
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