April 30, 2026

WHO की चेतावनी: तीन खांसी की सिरप बच्चों के लिए घातक, भारत में दर्ज हुई 22 बच्चों की मौत

मौसम बदलने के साथ सर्दी-खांसी और बुखार जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, ऐसे में लोग अक्सर खांसी की सिरप का सहारा लेते हैं. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अब तीन भारतीय खांसी सिरप को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. इनमें कोल्ड्रिफ, रेस्पिफ्रेश टीआर और रीलाइफ नाम की दवाओं को “खराब गुणवत्ता वाली और खतरनाक” बताया गया है. संगठन ने कहा है कि अगर ये सिरप किसी भी देश में मेडिकल स्टोर या बाजार में मिलते हैं, तो इसकी तुरंत जानकारी WHO को दी जाए.

WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, ये सिरप इतने जहरीले हैं कि इनके सेवन से गंभीर बीमारियां या मौत तक हो सकती है. भारत की सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने बताया कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में इन सिरप के इस्तेमाल के बाद पांच साल से कम उम्र के 22 बच्चों की मौत हो गई थी. जांच में पाया गया कि इन दवाओं में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल नामक जहरीला केमिकल पाया गया, जिसकी मात्रा मानक से लगभग 500 गुना ज्यादा थी.

CDSCO के अनुसार, फिलहाल इन सिरप का निर्यात भारत से किसी अन्य देश में नहीं हुआ है और अवैध रूप से भेजे जाने का भी कोई सबूत नहीं मिला है. वहीं, अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने भी साफ किया है कि ये जहरीली दवाएं अमेरिका में नहीं बेची गईं. इसके बावजूद WHO ने दुनियाभर के देशों से सतर्क रहने और इन उत्पादों की गुणवत्ता जांचने को कहा है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन सिरप का सेवन बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की अधिक मात्रा शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाती है और गुर्दे की कार्यक्षमता को खत्म कर सकती है. इसके लक्षणों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त, पेशाब रुकना, सिरदर्द, मानसिक भ्रम और अंततः किडनी फेल्योर शामिल हैं. कई मामलों में यह स्थिति बच्चों की मौत तक का कारण बन सकती है.

WHO ने यह भी सलाह दी है कि दिसंबर 2024 के बाद बनी सभी दवाओं की गुणवत्ता की जांच विशेष सावधानी के साथ की जाए. संगठन ने चेतावनी दी है कि इन सिरप का उपयोग बंद कर दिया जाए और अगर कहीं इनकी बिक्री होती दिखे तो इसकी जानकारी तत्काल स्वास्थ्य अधिकारियों या WHO को दी जाए. यह मामला एक बार फिर दवा निर्माण और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, खासकर तब जब बच्चों की जान से जुड़ी लापरवाही सामने आई हो.

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