Weather Update: देशभर में बारिश का कहर, दिल्ली में जल्द देगा मानसून दस्तक; कई राज्यों में भूस्खलन, बिजली गिरने और बाढ़ का खतरा
देश में मानसून पूरी रफ्तार पकड़ चुका है और अब वह दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने पुष्टि की है कि मानसून हिमाचल प्रदेश और लद्दाख तक पहुंच चुका है और अगले दो दिनों में उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, चंडीगढ़ और दिल्ली सहित शेष उत्तरी भारत में इसका प्रवेश तय माना जा रहा है। इस दौरान मूसलाधार बारिश की संभावना को देखते हुए कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है।
भूस्खलन और मौतों की खबरें
मानसून की तेज़ बारिश के साथ हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं। धर्मशाला-चतरो-गग्गल मार्ग समेत कई क्षेत्रों में यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में बिजली गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में उफनती मैनी नदी में दो बच्चों सहित चार लोग बह गए, जिनकी तलाश अभी जारी है।
राजस्थान में जोरदार बारिश
दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान के ज्यादातर इलाकों तक पहुंच चुका है। भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया में 114 मिमी और जयपुर, कोटा, शाहपुर जैसे शहरों में 110 मिमी तक बारिश दर्ज की गई। इससे राज्य के कई हिस्सों में जलभराव और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
हिमाचल और उत्तर भारत में अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून की एंट्री के साथ ही मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है। नाहन में 84.7 मिमी, सुंदरनगर, कांगड़ा और शिमला में भारी बारिश और तेज़ हवाओं (37 किमी/घंटा) का दौर रहा। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और अधिक बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
पूर्वोत्तर और बिहार में भी असर
पूर्वोत्तर भारत, झारखंड और बिहार के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर होकर भी भारी बारिश की संभावना बनाए हुए है। इसके कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में भी तेज़ बारिश हो रही है।
दिल्ली-NCR और पंजाब-हरियाणा में झमाझम बारिश
दिल्ली में मानसून की एंट्री से पहले ही शनिवार को हल्की बारिश दर्ज की गई और रविवार को भी बादलों और बौछारों के बने रहने की संभावना है। चंडीगढ़ में 9.7 मिमी, फरीदाबाद, रोहतक और गुरुग्राम में भी अच्छी बारिश हुई। पंजाब के पठानकोट, रूपनगर और होशियारपुर जैसे इलाकों में भी भारी बौछारें दर्ज की गईं। तापमान में भारी गिरावट के चलते गर्मी से राहत महसूस की जा रही है।
आईएमडी की चेतावनी
मौसम विभाग ने बताया है कि अगले सात दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और निचले इलाकों में रहने वाले लोग संभावित बाढ़ और जलभराव के लिए तैयार रहें।
मानसून की यह लहर एक तरफ देश को गर्मी से राहत दे रही है, वहीं दूसरी ओर आपदा की आशंका भी बढ़ा रही है। अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी निर्णायक होंगे।
Share this content:
