वार्ड क्रमांक 06 आर.व्ही.एच. कॉलोनी, रायपुर में चलाया गया नशा व्यापार मुक्त स्वच्छता अभियान

रायपुर, छत्तीसगढ़:

वार्ड क्रमांक 06 स्थित आर.व्ही.एच. कॉलोनी में नशा मुक्ति और स्वच्छता को लेकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य मोहल्ले और कॉलोनियों को नशे के अवैध व्यापार से मुक्त कर स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाना!

छत्तीसगढ़ के कई जिलों, कस्बों, पारा-मोहल्लों में शराब, गांजा और अन्य मादक पदार्थों का अवैध कारोबार बढ़ता जा रहा है, जिससे बच्चों और युवाओं पर गंभीर मानसिक व शारीरिक प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कॉलोनियों में खुलेआम शराब और गांजे की बिक्री हो रही है, जिससे मासूम बच्चे नशे की दुनिया में फंसते जा रहे हैं।

 

सख्त नियम और चेतावनियाँ लागू:

 

नशे का कारोबार करते हुए पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

सार्वजनिक स्थानों जैसे चौक-चौराहे, रास्तों पर नशा करते हुए पाए जाने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

 

कॉलोनी में बिना कारण आने-जाने वाले बाहरी व्यक्तियों पर निगरानी रखी जाएगी ताकि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

 

दुकानदारों व मेडिकल संचालकों को बिना डॉक्टर की पर्ची के नशीली दवाएं बेचने पर दंडित किया जाएगा।

 

पंचर बनाने वाले सॉल्यूशन का नशे के रूप में उपयोग रोका जाएगा। अब यह निर्देश दिया गया है कि सॉल्यूशन की बिक्री केवल आधार कार्ड की जानकारी लेकर की जाएगी।

 

 

अभियान के नेतृत्व में सक्रिय सहयोग:

इस अभियान का नेतृत्व घासी घसिया समाज द्वारा किया जा रहा है, जिसमें कॉलोनी के सैकड़ों निवासियों का समर्थन प्राप्त है। विशेष रूप से इस मुहिम में अध्यक्ष डैनी कुमार, पूर्व अध्यक्ष हेमंत महानंद, नेतृत्वकर्ता पंकज नायक, उपाध्यक्ष मनोज नायक, सचिव यशवंत नायक, कोषाध्यक्ष गणेशदीप, तथा भक्त कुमार, लक्ष्मण नायक, सूर्या दास, शंकर दास, रंजीत दीप, पारस दीप, कृष्णा महानंद, विशाल नायक, सहित अनेक समाजसेवियों की सक्रिय भूमिका रही।

 

घर-घर जाकर दी गई चेतावनी:

समाज के सदस्यों और मोहल्ले वासियों ने मिलकर प्रत्येक घर में जाकर नशे के विरुद्ध चेतावनी दी और लोगों को जागरूक किया।

 

आगे की योजना:

यदि इस पहल को प्रदेशभर से समर्थन मिला, तो आने वाले समय में यह अभियान रायपुर जिले और अन्य हिस्सों में भी शुरू किया जाएगा। यह मुहिम तभी रुकेगी जब छत्तीसगढ़ पूर्णतः नशा मुक्त नहीं हो जाता।

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