विराट कोहली का बड़ा फैसला: 16 साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी में उतरेंगे, घरेलू क्रिकेट में वापसी की तैयारी
भारतीय क्रिकेट के सबसे दिग्गज बल्लेबाजों में शुमार विराट कोहली ने अपने खेल करियर का एक और अहम फैसला लेते हुए 16 साल बाद घरेलू क्रिकेट में वापसी का मन बना लिया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ जारी वनडे सीरीज के दौरान उन्होंने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के अध्यक्ष रोहन जेटली को इसकी आधिकारिक जानकारी दे दी है। कोहली का यह निर्णय न सिर्फ दिल्ली क्रिकेट के लिए बड़ा प्रोत्साहन है बल्कि उनके लाखों प्रशंसकों के लिए भी एक यादगार खबर है। टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से संन्यास लेने के बाद यह पहला मौका है जब विराट किसी बड़े घरेलू टूर्नामेंट में खेलने को तैयार हुए हैं।
DDCA अध्यक्ष रोहन जेटली ने पुष्टि करते हुए कहा कि विराट कोहली 24 दिसंबर से शुरू हो रही विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली के लिए खेलने की उपलब्धता दे चुके हैं। कोहली ने आखिरी बार फरवरी 2010 में विजय हजारे ट्रॉफी में सर्विसेज के खिलाफ मैच खेला था। इसके बाद वे पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में व्यस्त रहे। लगभग 16 साल बाद उनकी यह वापसी इसलिए भी खास है क्योंकि यह उनके खेल के प्रति समर्पण और फॉर्म बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। जेटली ने साफ कहा कि यह दिल्ली की टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाला फैसला है, हालांकि कोहली कितने मैच खेलेंगे, इसका अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा।
विराट कोहली ने इस साल टेस्ट क्रिकेट से विदाई ली थी, जबकि टी20 इंटरनेशनल को तो उन्होंने 2024 टी20 विश्व कप जीतने के तुरंत बाद अलविदा कह दिया था। अब वे केवल वनडे फॉर्मेट पर फोकस कर रहे हैं। ऐसे में घरेलू क्रिकेट खेलना उनके लिए फॉर्म और फिटनेस दोनों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा। भारतीय टीम प्रबंधन और बीसीसीआई भी लंबे समय से यही चाहती रही है कि वरिष्ठ खिलाड़ी समय-समय पर घरेलू क्रिकेट का हिस्सा बनें, ताकि युवा खिलाड़ियों को सीखने का मौका मिले और टीम संतुलित रहे।
विराट कोहली की हालिया फॉर्म भी उनकी प्रासंगिकता साबित करती है। रांची में साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में उन्होंने नाबाद 135 रन की शानदार पारी खेली, जिसने एक बार फिर दिखा दिया कि उम्र उनके प्रदर्शन पर किसी भी तरह का असर नहीं डाल पा रही है। 37 साल की उम्र में भी कोहली उसी जुनून और जोश के साथ खेल रहे हैं, जैसा अपने शुरुआती दिनों में खेलते थे। यही वजह है कि उनकी घरेलू क्रिकेट में उपस्थिति दिल्ली की युवा टीम के लिए बेहद प्रेरणादायक होगी।
रोहन जेटली ने यह भी बताया कि कोहली की तरह ही भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के भी विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलने की उम्मीद है। इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले रोहित अगर इस टूर्नामेंट में उतरते हैं, तो यह घरेलू क्रिकेट के लिए एक और बड़ा लाभ होगा। विराट और रोहित जैसे बड़े खिलाड़ियों का मैदान में उतरना न सिर्फ टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा बढ़ाएगा, बल्कि घरेलू खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में भी बड़ा इजाफा करेगा।
विराट कोहली की इस वापसी को भारतीय क्रिकेट के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह फैसला दर्शाता है कि दिग्गज खिलाड़ी भी घरेलू क्रिकेट के महत्त्व को समझते हैं और खेल के प्रति अपना योगदान युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए तैयार रहते हैं। उनकी उपस्थिति से दिल्ली टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल और मजबूत होगा, वहीं दर्शक भी एक बार फिर अपने पसंदीदा स्टार को घरेलू मैदान में खेलते देख सकेंगे।
Share this content: