April 30, 2026

ट्रंप ने शुरू की वेनेजुएला के तेल की बिक्री, पहली ही डील में दाम 30% उछले

अमेरिका ने वेनेजुएला के कच्चे तेल को खुले अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचना शुरू कर दिया है और इसके साथ ही तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने पहली ही डील में लगभग 500 मिलियन डॉलर यानी करीब 4,500 करोड़ रुपये का तेल बेच दिया। खास बात यह रही कि यह तेल वेनेजुएला की पिछली बिक्री कीमतों की तुलना में करीब 30 प्रतिशत ज्यादा दाम पर बिका, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है।

निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाए जाने और हिरासत में लिए जाने के बाद अब वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पूरी तरह अमेरिकी निगरानी में आ गए हैं। अमेरिका के दखल के साथ ही वेनेजुएला के ‘काले सोने’ की कीमतों में अचानक उछाल आया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले हफ्तों में तेल की और बड़ी खेप बाजार में उतारी जाएगी, जिससे अमेरिका को भारी राजस्व मिलने की उम्मीद है।

ट्रंप सरकार में एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट ने इस सौदे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मादुरो शासन के दौरान वेनेजुएला को अपने ही तेल के बेहद कम दाम मिलते थे। लेकिन अब जब अमेरिका इसकी बिक्री कर रहा है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसी बैरल के लिए 30 प्रतिशत ज्यादा कीमत मिल रही है। यह बिक्री हाल ही में वाशिंगटन और काराकास के बीच हुए करीब 2 अरब डॉलर के समझौते का हिस्सा मानी जा रही है।

डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे कदम को अपना ‘मास्टरप्लान’ बताते हुए साफ किया है कि वेनेजुएला के तेल संसाधनों का इस्तेमाल अब अमेरिका की शर्तों और निगरानी में होगा। ट्रंप के मुताबिक, वेनेजुएला अपने 30 से 50 मिलियन बैरल कच्चे तेल को अमेरिका को सौंपेगा, जिसे मौजूदा बाजार भाव पर बेचा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस बिक्री से मिलने वाला पैसा सीधे किसी सरकार के हाथ में नहीं जाएगा, बल्कि इसके उपयोग पर उनका नियंत्रण रहेगा, ताकि फंड का सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सके।

गौरतलब है कि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा साबित कच्चा तेल भंडार मौजूद है, जिसकी मात्रा करीब 303 बिलियन बैरल बताई जाती है। हालांकि, खराब प्रबंधन, निवेश की कमी और राजनीतिक अस्थिरता के चलते वहां का तेल उद्योग लगभग बर्बाद हो चुका था। 1990 के दशक में जहां वेनेजुएला रोजाना 35 लाख बैरल तेल निकालता था, वहीं अब यह उत्पादन घटकर करीब 8 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया है। इस गिरावट को पलटने के लिए ट्रंप ने ऐलान किया है कि वेनेजुएला के एनर्जी सेक्टर को फिर से खड़ा करने के लिए बड़ी तेल कंपनियां करीब 100 बिलियन डॉलर का निवेश करेंगी।

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