भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अहम खिलाड़ी जेमिमा रोड्रिग्स ने हाल ही में अपने बचपन से जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यह घटना उस समय की है, जब जेमिमा सिर्फ 8 साल की थीं और एक मामूली खेल उनके लिए जानलेवा हादसे में बदलते-बदलते रह गया। जेमिमा ने यह खुलासा लोकप्रिय शो ‘ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस’ में किया, जहां उन्होंने बेहद सहज अंदाज में अपने उस डरावने अनुभव को याद किया, जो आज भी उनके परिवार में चर्चा और हंसी का विषय बना हुआ है।
जेमिमा ने बताया कि वह अपने कजिन्स के साथ एक चर्च प्रोग्राम में गई थीं। प्रोग्राम ऑडिटोरियम के अंदर चल रहा था, जबकि सभी बच्चे बाहर खेल रहे थे। बच्चों ने बाहर एक खेल शुरू किया, जिसे वे ‘चप्पल फाइट’ कहते थे। इस खेल में बच्चे एक-दूसरे पर चप्पल या जूते फेंकते थे और नियम यह था कि जिसे चप्पल उठानी हो, उसे दूसरी तरफ जाकर लाना पड़ता था। खेल सुनने में भले ही मजेदार लगे, लेकिन जेमिमा के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हुआ।
उन्होंने बताया कि उनकी चचेरी बहन ने चप्पल फेंकी और उसे उठाने के लिए जेमिमा ने आगे बढ़ने का फैसला किया। खुद को हीरो समझते हुए उन्होंने कूद लगाई, लेकिन संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे पहली मंजिल से नीचे गिर पड़ीं। यह एक ऐसा पल था, जब गंभीर चोट या जान जाने का भी खतरा था। सौभाग्य से, नीचे कोई व्यक्ति बैठा हुआ था और जेमिमा उसके सिर पर गिर गईं, जिससे उनकी जान बच गई। जेमिमा ने बताया कि उस वक्त उनके कजिन्स को लगा कि वह मर गई हैं।
इस घटना को याद करते हुए जेमिमा ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे डरावना पल था, लेकिन भगवान की कृपा से उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। आज वह इस किस्से को हंसी-मजाक में सुनाती हैं, लेकिन उस समय पूरा परिवार सदमे में आ गया था। यह घटना उनके संघर्ष और जुझारूपन की कहानी का एक अनसुना हिस्सा है।
वर्तमान की बात करें तो जेमिमा रोड्रिग्स भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शुमार हैं। हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें महिला प्रीमियर लीग (WPL) के लिए अपनी कप्तान नियुक्त किया है। जेमिमा पहली बार इस लीग में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगी। उन्होंने अब तक दिल्ली कैपिटल्स के लिए 27 WPL मैच खेले हैं, जिसमें 139 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 507 रन बनाए हैं। आईसीसी महिला वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक सफलता में भी उनका योगदान बेहद अहम रहा है। बचपन के उस हादसे से निकलकर आज टीम इंडिया की कप्तानी तक का सफर जेमिमा रोड्रिग्स की मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत को साफ तौर पर दर्शाता है।
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