April 18, 2026

उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज बजट सत्र के पहले दिन हंगामा, राज्यपाल ने 12 मिनट में पूरा अभिभाषण पढ़े बिना लौटने का किया फैसला!

उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज बजट सत्र का पहला दिन बेहद हंगामेदार रहा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा परिसर में जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां ले रखी थीं और नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। सपा के सदस्य “लाठी गोली की सरकार, नहीं चलेगी नहीं चलेगी” और “आरक्षण विरोधी, दलित विरोधी, संविधान विरोधी सरकार नहीं चलेगी” जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

इतना ज्यादा हंगामा हुआ कि राज्यपाल को महज 12 मिनट में अभिभाषण पढ़ने के बाद विधानसभा से लौटना पड़ा। राज्यपाल का यह अभिभाषण का संबोधन बिना पूरा हुए अधूरा रह गया, जिसे बाद में विधानसभा और विधान परिषद के अध्यक्ष पढ़ेंगे। यह पहली बार है जब राज्यपाल को इस स्थिति का सामना करना पड़ा और उन्हें 12 मिनट में ही सदन छोड़ना पड़ा।

सपा के नेताओं का आरोप था कि सरकार ने महाकुंभ में हुई भगदड़ पर ढ़ंग से ध्यान नहीं दिया और इस मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना बढ़ती जा रही है। सपा के वरिष्ठ नेता सुधाकर सिंह और एच एन सिंह पटेल ने कहा कि विधायक अपनी तख्तियों के साथ सरकार की विफलताओं पर जोर दे रहे थे, जिनमें बिजली, पानी की समस्या और अन्य कई मुद्दों का उल्लेख था।

सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला करते हुए इसे “जन विरोधी” और “किसान विरोधी” करार दिया। उनका कहना था कि इस सरकार ने हर मोर्चे पर असफलता हासिल की है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि महाकुंभ में दारागंज के संगम रेलवे स्टेशन को बंद कर सरकार ने यह मान लिया है कि वह पूरी तरह से असफल हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का काम प्रशासन और नियंत्रण करना है, न कि बंदी लगाना। अखिलेश ने इसे भाजपा के “डबल इंजन, ट्रबल इंजन” के रूप में तंज करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए जनता के दुखों को बढ़ा रही है।

इस हंगामे और विरोध के बीच बजट सत्र का पहला दिन कई सवालों और विवादों के साथ आगे बढ़ रहा है।

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