राजस्थान के अलवर में घिनौनी साजिश: 18 साल बाद पति ने अपनी पत्नी को पांच लाख में बेच दिया, कोर्ट के आदेश पर जांच शुरू
राजस्थान के अलवर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी को अपने पिता के साथ मिलकर पांच लाख रुपये में बेच दिया। यह शर्मनाक घटना 18 साल की शादी के बाद सामने आई है, जब महिला ने यह खुलासा किया कि उसे हरियाणा के झज्जर में बेच दिया गया था। महिला के तीन बच्चे भी हैं, और अब पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह मामला ततारपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां पीड़िता ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। महिला के अनुसार, करीब पांच महीने पहले उसके पति और ससुर ने उसे एक व्यक्ति से मिलने के बहाने झज्जर भेजा, जहां उसे काम दिलवाने का वादा किया गया था। लेकिन वहां जाकर उसकी जिंदगी का सबसे भयावह पल आया। पीड़िता ने बताया कि उसे जबरदस्ती किया गया और कहा गया कि उसके पति और ससुर ने उसे पांच लाख रुपये में बेच दिया है। आरोपी ने कहा, “अब तुम मेरी हो, मैं तुम्हारे साथ कुछ भी कर सकता हूं।”
कोर्ट के आदेश पर जांच की शुरुआत
यह घटना कोर्ट में पहुंची जब पीड़िता ने 24 अक्टूबर को ततारपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसके बाद मामले की जांच की गई, लेकिन शुरुआत में पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। ततारपुर थाना पुलिस ने जीरो नंबर एफआईआर दर्ज कर इसे खाटू श्याम थाना भेज दिया। हालांकि, खाटू श्याम थाना पुलिस ने मामले को तथाकथित क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए कोर्ट में पेश कर दिया। इसके बाद अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट दांतारामगढ़ ने मामले की जांच का आदेश ततारपुर थाना पुलिस को दिया।
पीड़िता की संघर्ष की कहानी
महिला ने बताया कि जब वह झज्जर में थी, तो उसने मौका देखकर वहां से भागने की कोशिश की और बस में सवार होकर अपने माता-पिता के घर लौट आई। यहां उसने परिजनों को इस शर्मनाक घटना के बारे में बताया। इसके बाद उसने पुनः ततारपुर थाना में जाकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिससे जांच का रास्ता खुला।
यह घटना न सिर्फ इंसानियत को शर्मसार करती है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि कैसे एक महिला को इतनी बुरी तरह से धोखा दिया जा सकता है। हालांकि, अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जांच शुरू कर दी है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना है।
सवालों के घेरे में कानून और समाज
इस घटना से यह सवाल भी उठता है कि एक महिला के साथ इस तरह का घिनौना अपराध कैसे हो सकता है, और क्यों पुलिस ने पहले इस मामले में संज्ञान नहीं लिया? पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद तो जताई जा रही है, लेकिन क्या वाकई वह न्याय पा सकेगी? और क्या इस मामले में किसी उच्च स्तरीय जांच की जरूरत है, ताकि ऐसे घिनौने कृत्यों को रोका जा सके?
अब यह देखना होगा कि पुलिस आगे इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्या आरोपी को कड़ी सजा मिलती है।
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