April 17, 2026

यूपी बजट 2025-26 पर विपक्ष का हमला: अखिलेश बोले— “ये बजट नहीं, सिर्फ ढोल”; मायावती ने बताया मध्यम वर्ग का तुष्टीकरण

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने इस बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक करार दिया।

अखिलेश का हमला: “ये बजट नहीं, बहुत बड़ा खोखला ढोल”

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार के नौवें बजट को पूरी तरह खोखला बताते हुए कहा कि इसमें केवल शोर-शराबा है, लेकिन हकीकत में जनता के लिए कुछ भी नहीं।

उन्होंने कहा, “बजट देखकर किसानों की उम्मीदें सूख गई हैं, महिलाओं के माथे पर घर चलाने की चिंता की लकीरें और गहरी हो गई हैं। आम जनता पूछ रही है कि सरकार का प्रवचन तो खत्म हो गया, अब बजट कब आएगा?”

“बजट बड़ा होने से कुछ नहीं होता, सवाल है जनता को क्या मिला?”

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा, “बजट बड़ा होने से कुछ नहीं होता, सवाल ये है कि इसमें युवा, किसान, बेरोजगार और महिलाओं को क्या मिला?”

इसके साथ ही, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि योगी सरकार का अगला बजट इस कार्यकाल का आखिरी बजट होगा, जिसके बाद नई सरकार सत्ता में आएगी।

“तो क्या दिल्लीवालों को भी सनातनी नहीं मानते लखनऊ वाले?”

संगम के जल को नहाने और पीने योग्य बताने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दावा है कि संगम का जल पीने योग्य नहीं है। तो क्या लखनऊ वाले दिल्लीवालों को भी सनातनी नहीं मानते?”

गौरतलब है कि सीएम योगी ने बुधवार को विधानसभा में कहा था कि विपक्ष संगम के जल को लेकर अफवाह फैला रहा है क्योंकि वे ‘सनातन’ का विरोध करते हैं।

मायावती का वार: “ये बजट गरीबों के लिए नहीं, सिर्फ मध्यम वर्ग के तुष्टीकरण वाला”

बसपा प्रमुख मायावती ने भी यूपी के बजट पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,

“अगर ये बजट वास्तव में जनता के हित में होता तो यह बेहतर होता। लेकिन इसमें महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए कोई ठोस नीति नहीं दिखती।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सिर्फ मध्यम वर्ग के हितों को साधने की कोशिश की है, जबकि प्रदेश के करोड़ों गरीब परिवारों को सुख-चैन देने की कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई।

“जनता को सड़क, पानी, स्कूल और अस्पताल चाहिए, सपने नहीं”

मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश के गांव, कस्बे और शहर बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार लोगों को दूसरे सपने दिखा रही है, जो समस्या का समाधान नहीं।

“बसपा सरकार में कानून का राज था, भाजपा में बहुजन समाज बदहाल”

मायावती ने योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा से पहले यूपी बदहाल था, यह दावा पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा, “बसपा सरकार में कानून-व्यवस्था और अपराध-नियंत्रण के मामले में कानून द्वारा कानून का राज था, जिसे अब लोग तरस रहे हैं।”

क्या यूपी बजट 2025-26 सरकार की उपलब्धि या चुनावी रणनीति?

योगी सरकार ने इस बजट को समावेशी विकास का प्रतीक बताया है, लेकिन विपक्ष इसे खोखला और दिखावटी बजट मान रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या वास्तव में यह बजट जनता के लिए फायदेमंद साबित होगा या फिर यह सिर्फ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी का हिस्सा है?

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