May 4, 2026

उत्तर प्रदेश: सिपाही फूफा ने तंत्र-मंत्र के लिए 9 साल के मासूम आरुष की दी बलि, देवरिया से गोरखपुर तक फैला खौफनाक अपहरण-हत्याकांड का खुलासा

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भलुअनी थाना क्षेत्र के पटखौली गांव में 9 वर्षीय आरुष की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि मासूम की बलि तंत्र-मंत्र के चक्कर में दी गई, जिसमें उसका सगा फूफा इंद्रजीत गोंड मुख्य आरोपी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इंद्रजीत उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है। पुलिस ने शनिवार को इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें आरुष के दो सगे फूफा भी शामिल हैं।

आरुष 16 अप्रैल की शाम से लापता था। परिजनों ने 17 अप्रैल को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि काफी समय तक जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिवार ने हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने जांच की रफ्तार बढ़ाई और अंततः 1 अगस्त को केस की परतें खुलने लगीं। पुलिस ने जांच के दौरान इंद्रजीत के मामा सोखा जयप्रकाश गोंड को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने नरबलि के उद्देश्य से हत्या की पूरी साजिश उजागर कर दी।

पुलिस के अनुसार, इंद्रजीत गोंड की शादी दिसंबर 2024 में आरुष की बुआ से हुई थी। शादी के बाद इंद्रजीत के ससुराल वालों ने उसे देवी का साया बताया और झाड़-फूंक कराने लगे। इसी कड़ी में इंद्रजीत के मामा जयप्रकाश ने देवी को शांत करने के लिए नरबलि देने की सलाह दी। इसके बाद इंद्रजीत ने अपने साढ़ू रमाशंकर से 50 हजार रुपये में बलि के लिए बच्चे की व्यवस्था करने का सौदा किया। रमाशंकर ने अपने साले योगेश के बेटे आरुष को अगवा कर लिया।

पुलिस का कहना है कि अपहरण के बाद एक दिन तक बच्चे को रमाशंकर ने अपने घर में छिपाकर रखा। फिर उसे इंद्रजीत की मौसी के बेटे भीम गोंड के जरिए देवरिया पहुंचाया गया, जहां इंद्रजीत ने उसकी हत्या कर दी। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि आरुष की हत्या 19 अप्रैल को की गई थी। इस खौफनाक कांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है और पुलिस अब पूरे गिरोह से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।

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