यूपी के सभी जिलों में बनेगा स्टेमी केयर नेटवर्क, हार्ट अटैक के मरीजों को मिलेगा मुफ्त जीवनरक्षक इंजेक्शन
उत्तर प्रदेश में अब हार्ट अटैक के गंभीर मामलों में जान बचाने के लिए स्टेमी केयर नेटवर्क को सभी जिलों तक विस्तार दिया जा रहा है। इस नेटवर्क के जरिए मरीजों को सीएचसी स्तर पर ही तुरंत इलाज मिलेगा, जिससे उनकी जान बचाई जा सकेगी। अभी तक यह नेटवर्क लखनऊ के एसजीपीजीआई, लोहिया संस्थान और केजीएमयू के साथ 18 जिलों में कार्यरत था, लेकिन अब इसमें प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी के प्रमुख मेडिकल संस्थानों के साथ 20 और जिलों को जोड़ा जा रहा है।
इस नेटवर्क की खासियत यह है कि इसमें जिलों के नोडल अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ को एक वाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया है। जब भी किसी मरीज को सीने में दर्द की शिकायत के साथ लाया जाता है, तो उसका ईसीजी कर तत्काल ग्रुप में साझा किया जाता है। कार्डियोलॉजिस्ट ईसीजी देखकर तय करता है कि मरीज को तुरंत कौन सा इलाज देना चाहिए। अगर रिपोर्ट गंभीर है, तो खून पतला करने वाला जीवनरक्षक इंजेक्शन तुरंत देने की सलाह दी जाती है।
अब तक इस प्रणाली से केजीएमयू, एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान जैसे हब अस्पतालों के जरिए 150 से अधिक मरीजों की जान बचाई जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की योजना है कि औरैया, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, बांदा और हमीरपुर को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर से जोड़ा जाए। वहीं चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जाएगा। बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही और सोनभद्र जैसे पूर्वांचल जिलों को बीएचयू वाराणसी से नेटवर्क में शामिल किया जा रहा है।
इस नेटवर्क के अंतर्गत जो इंजेक्शन दिया जाता है उसकी कीमत 20 से 25 हजार रुपये तक होती है, लेकिन सरकार इस इंजेक्शन को मरीजों को बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध करवा रही है। इलाज के शुरुआती चरण में ही मरीज की हालत स्थिर हो जाने पर उसे हब अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है, जहां आगे की विशेषज्ञ चिकित्सा दी जाती है।
स्टेमी केयर नेटवर्क दरअसल ‘ST-Elevation Myocardial Infarction’ के लिए तैयार किया गया है, जो हार्ट अटैक का सबसे गंभीर प्रकार होता है। इसमें मरीज के ईसीजी में विशेष पैटर्न दिखता है, जिससे कार्डियोलॉजिस्ट यह पहचान लेते हैं कि जान बचाने के लिए तुरंत खून पतला करने वाला इंजेक्शन जरूरी है। यही नेटवर्क का सबसे महत्वपूर्ण लाभ है कि यह तत्काल पहचान और त्वरित उपचार संभव बनाता है।
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