May 3, 2026

बंदरों को भगाने के लिए फेंकी कुल्हाड़ी, ढाई साल के बेटे की गर्दन पर लगी; मुरादाबाद में दर्दनाक हादसे में मासूम की मौत

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के देवापुर गांव में एक बेहद दर्दनाक हादसे में पिता की फेंकी गई कुल्हाड़ी से उसके ढाई साल के इकलौते बेटे की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब पिता लाखन सैनी ने बंदरों को भगाने के लिए छत से कुल्हाड़ी फेंकी, जो सीधे आंगन में खेल रहे मासूम आरव की गर्दन पर जा लगी।

हादसा या कुछ और?
घटना मंगलवार सुबह की है। लाखन सैनी, जो ई-रिक्शा चालक हैं, अपने घर की छत पर बंदरों को भगाने गए थे। उन्होंने कुल्हाड़ी फेंकी, लेकिन उन्हें यह अंदाज़ा नहीं था कि उनका बेटा आरव आंगन में आ गया है। कुल्हाड़ी का लोहे का हिस्सा सीधा आरव की गर्दन में लगा और वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर गए लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

परिवार का दर्द और सवाल
मासूम की मौत से परिवार सदमे में है। मां अनीता बार-बार बेहोश हो रही हैं। दुखद यह भी रहा कि परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव को दफना दिया। वहीं, घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। बच्चे के मौसा ने इस घटना को हादसा नहीं बल्कि जानबूझकर की गई हत्या बताया है। उनके अनुसार, पति-पत्नी के बीच झगड़े के बाद लाखन ने बच्चे को दादा की गोद से छीनकर हमला किया।

पुलिस ने मानी ‘दुर्घटना’
हालांकि पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे दुर्घटना माना है। कटघर थाना प्रभारी ने बताया कि बंदरों को भगाने के प्रयास में कुल्हाड़ी का बेंत लाखन के हाथ में ही रह गया था, लेकिन उसका लोहे का हिस्सा नीचे खड़े आरव की गर्दन में लग गया।

खून के छींटे और विरोधाभासी बयान
मकान के खुले वॉशरूम की दीवारों पर खून के छींटे पाए गए हैं, जिससे साफ है कि आरव की गर्दन पर गंभीर वार हुआ था। गांव के एक जिला पंचायत सदस्य ने एक और दावा किया कि बच्चे की गर्दन में सरिया घुस गई थी, जो बंदरों के उछलने से छत से गिर गई।

बंदरों का आतंक बना मुसीबत
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, देवापुर गांव में बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ी है और वे अक्सर घरों में घुस आते हैं। इस वजह से ऐसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं।

फिलहाल पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित पहलुओं पर गौर किया जा रहा है।

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