गाजियाबाद में पुलिस ने निकाली अपराधियों की ‘बारात’, बैंड-बाजे के साथ किया जिला बदर
गाजियाबाद पुलिस ने अपराध पर कड़ा शिकंजा कसते हुए जिले में सक्रिय 23 शातिर अपराधियों को छह महीने के लिए जिले की सीमा से बाहर निकाल दिया है। खास बात यह रही कि इन बदमाशों को पुलिस ने न सिर्फ बैंड-बाजे और डुगडुगी के साथ उनके घरों से निकाला, बल्कि खुद उन्हें जिले की सीमाओं तक छोड़ने भी गई।
क्या है मामला
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के तहत जिन 23 अपराधियों को जिले से बाहर किया गया है, उन पर लूट, डकैती, हत्या का प्रयास, जबरन वसूली, गौकशी, अवैध हथियार, गंभीर मारपीट, चोरी और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। इन्हें उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत “गुंडा” घोषित कर जिला बदर किया गया।
कैसे हुई कार्रवाई
4 जून को गाजियाबाद पुलिस ने हर आरोपी के घर जाकर सार्वजनिक रूप से आदेश की घोषणा की, डुगडुगी बजवाई और चेतावनी दी कि यदि निष्कासन की अवधि के दौरान वे जिले में लौटे तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बाद में पुलिसकर्मी खुद उन्हें जिले की सीमा तक ले गए।
पुलिस की सख्त चेतावनी
गाजियाबाद पुलिस ने साफ कहा है—“अब या तो अपराध छोड़ो, या फिर जिला।” यह अल्टीमेटम सिर्फ इन 23 अपराधियों के लिए नहीं, बल्कि जिले में अपराध करने की सोच रखने वालों के लिए भी सीधी चेतावनी है।
संदेश जनता के नाम
इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने जनता को भरोसा दिलाया है कि कानून व्यवस्था के प्रति कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में कानून का राज कायम रहेगा और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं होगी।
यह ‘जिला बदर’ अभियान न केवल प्रशासनिक सख्ती का उदाहरण बना, बल्कि जनता के बीच गाजियाबाद पुलिस की छवि को भी और मजबूत कर गया है।
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