उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदला: ठंड, घना कोहरा, बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित

फरवरी की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। सर्दियों का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और बदलते मौसम सिस्टम के कारण कई राज्यों में ठंड, घना कोहरा, बारिश और बर्फबारी देखने को मिल रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते पूरे उत्तर भारत में मौसम बेहद गतिशील बना हुआ है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन, यातायात और खेती पर पड़ रहा है।

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी इलाकों में ठंड और घना कोहरा बड़ी समस्या बना हुआ है। सुबह और देर रात घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो जा रही है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर ट्रेनें और उड़ानें देरी से चल रही हैं। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में और गिरावट आई है। कोहरे और ठंड की वजह से किसानों, यात्रियों और दैनिक कामकाज करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसलों पर भी मौसम का असर नजर आ रहा है।

राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम मिश्रित बना हुआ है। जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में ठंड के साथ हल्की उमस महसूस की जा रही है, जबकि कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। बदलता मौसम पर्यटन और सामान्य जनजीवन दोनों के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि तापमान में उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी का दौर जारी है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ जमने से सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है और कई जगहों पर फिसलन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। कुल मिलाकर उत्तर भारत में ठंड, कोहरा, बारिश और बर्फबारी का यह दौर अभी जारी रहने की संभावना है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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