ओडिशा में गणतंत्र दिवस समारोह के बाद एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। राष्ट्रीय ध्वज उतारने की प्रक्रिया के दौरान 10वीं कक्षा का एक छात्र अचानक करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना स्कूल परिसर में उस समय हुई, जब समारोह समाप्त होने के बाद झंडा उतारा जा रहा था। हादसे के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई और छात्र-छात्राओं व शिक्षकों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्र झंडा उतारने में मदद कर रहा था। इसी दौरान उसका हाथ लोहे के उस पाइप या रस्सी के संपर्क में आया, जिसमें करंट दौड़ रहा था। करंट लगते ही छात्र गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। स्कूल परिसर को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पास से गुजर रही बिजली की लाइन या अर्थिंग में गड़बड़ी के कारण झंडे के पोल में करंट आ गया था। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
छात्र की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते, तो यह हादसा नहीं होता। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी स्कूलों में होने वाले सरकारी कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं।
प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, राज्य भर के स्कूलों को निर्देश देने की तैयारी की जा रही है कि भविष्य में इस तरह के आयोजनों के दौरान बिजली सुरक्षा और तकनीकी जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सावधानी बरती जा रही है या नहीं।
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