May 1, 2026

तुर्की ने ही फंसाया सीरिया? ईरान से जंग में उतारा, अब इजराइल के सामने अकेला छोड़ा

सीरिया पर इजराइल के हमले के बाद तुर्की की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारों का मानना है कि जब पिछले महीने इजराइल ने ईरान पर मिसाइल अटैक किया था, तब तुर्की के कहने पर सीरिया ने इजराइल को अपने एयर स्पेस का इस्तेमाल करने दिया था। उस वक्त तुर्की ने सीरिया को किसी देश से दुश्मनी न पालने की सलाह दी थी, लेकिन अब जब इजराइल ने सीरिया पर हमला बोला है, तो तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन पूरी तरह से चुप हैं।

 

ईरान पर हमले में साथ, खुद पर हमले में अकेला रह गया सीरिया

जून 2025 में इजराइल की ओर से ईरान पर बड़ी कार्रवाई की गई थी। इस हमले में इजराइली फौज ने सीरिया के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर ईरान की राजधानी तेहरान पर मिसाइलें दागीं। तुर्की के सुझाव पर ही सीरिया ने इस पूरे हमले पर चुप्पी साधे रखी थी। ‘अल मॉनिटर’ की रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की ने सीरिया को इजराइल के खिलाफ न बोलने की सलाह दी थी और सीरियाई राष्ट्रपति अल-शरा ने उसका पालन किया। अब जब खुद सीरिया पर हमला हुआ, तो न तुर्की खुलकर सामने आया, न ईरान।

 

सीरिया की मजबूरी तुर्की की चाल?

राजनयिक सूत्रों के अनुसार, तुर्की और सीरिया के बीच इस समय कई गुप्त रणनीतिक समझौते चल रहे हैं, खासकर समुद्री सीमाओं और ऊर्जा सौदों को लेकर। तुर्की चाहता है कि सीरिया कमजोर और उसकी पकड़ में बना रहे, ताकि सौदे उसके पक्ष में हों। ऐसे में तुर्की को एक ऐसा सीरिया चाहिए जो किसी भी मोर्चे पर स्वतंत्र रूप से निर्णय न ले सके। यही वजह बताई जा रही है कि तुर्की ने सीरिया को संकट के समय अपने हाल पर छोड़ दिया और खुद किनारे हो गया।

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