प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा— राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी का करते हैं सम्मान, दोनों के बीच मजबूत साझेदारी की दिशा में तेजी से बढ़ रहा संवाद
अमेरिका और भारत के बीच भले ही हाल के महीनों में कुछ व्यापारिक मतभेद सामने आए हों, लेकिन दोनों देशों के शीर्ष नेताओं— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप— के बीच संवाद का सिलसिला लगातार जारी है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप अक्सर प्रधानमंत्री मोदी से बात करते हैं और दोनों देशों के बीच चल रही व्यापारिक चर्चाएं काफी गंभीर और रचनात्मक हैं।
लेविट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रंप और उनकी आर्थिक टीम भारत के साथ कई स्तरों पर बातचीत कर रही है, जिसमें ट्रेड डील, निवेश, और तकनीकी सहयोग जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। लेविट के अनुसार, दोनों देशों के बीच संबंध “अभूतपूर्व सकारात्मकता” के दौर से गुजर रहे हैं और निकट भविष्य में इन वार्ताओं के ठोस परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब भारत-अमेरिका नागरिकता और व्यापारिक नीतियों के भविष्य को लेकर सवाल पूछा गया, तो लेविट ने कहा कि ट्रंप इस दिशा में बेहद सकारात्मक और दृढ़ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी का बहुत सम्मान करते हैं और भारत के वैश्विक महत्व को समझते हैं। लेविट ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को एक दूरदर्शी और मजबूत नेता मानते हैं, जो भारत की उभरती आर्थिक ताकत का प्रतिनिधित्व करते हैं।”
लेविट ने हाल ही में ओवल ऑफिस में हुए दिवाली समारोह का भी जिक्र किया, जहां ट्रंप और मोदी के बीच गर्मजोशी भरी बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर पर भरोसा जताया है, जो भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें “दुनिया के सबसे अच्छे दिखने वाले नेताओं में से एक” बताया था।
दूसरी ओर, लेविट ने न्यूयॉर्क के मेयर पद के उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी से जुड़ी राजनीतिक टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ममदानी के खिलाफ ट्रंप पर लगाए गए आरोपों को “बिना सबूत और गैर-जिम्मेदाराना” बताया और कहा कि यह डेमोक्रेटिक पार्टी के दोहरे मानकों का एक और उदाहरण है।
कुल मिलाकर, व्हाइट हाउस के इस बयान से यह स्पष्ट है कि भारत और अमेरिका के बीच न केवल संवाद जारी है, बल्कि दोनों देश एक व्यापक और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। व्यापार, ऊर्जा, और तकनीक जैसे क्षेत्रों में आने वाले महीनों में कई अहम समझौते देखने को मिल सकते हैं, जो 21वीं सदी में दोनों लोकतांत्रिक महाशक्तियों को और करीब लाएंगे।
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