न्यूयॉर्क: ट्रंप के आरोपों पर यूएन की सफाई, एस्क्लेटर और टेलीप्रॉम्प्टर विवाद पर बढ़ी तनातनी
ट्रंप बोले- मेरे खिलाफ साजिश, यूएन ने कहा- जिम्मेदारी व्हाइट हाउस की थी
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूएन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सोमवार, 22 सितंबर को हुई मीटिंग में ट्रंप को दो बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा—पहले एस्क्लेटर अचानक बंद हो गया और फिर भाषण के दौरान उनका टेलीप्रॉम्प्टर काम नहीं किया। इस पर ट्रंप ने इसे “गंभीर साजिश” करार देते हुए जांच की मांग की, जबकि यूएन ने साफ कहा कि इसकी जिम्मेदारी व्हाइट हाउस की ही थी।
ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया जैसे ही हॉल में प्रवेश के लिए इलेक्ट्रिक सीढ़ी (एस्क्लेटर) पर चढ़े, वह बीच में ही रुक गई। इसके बाद ट्रंप ने भाषण देना शुरू किया तो टेलीप्रॉम्प्टर खराब निकला। ट्रंप इस घटना से नाराज हो गए और कहा कि यह उनके खिलाफ जानबूझकर रची गई साजिश हो सकती है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिना लैविएट ने भी इस पर सख्त रुख दिखाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता फरहान अजीज हक ने ट्रंप के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि टेलीप्रॉम्प्टर की पूरी जिम्मेदारी व्हाइट हाउस की थी। उसके अधिकारियों ने ही यह तय करना था कि ट्रंप का भाषण कैसे और कहां से प्रस्तुत होगा। हक ने सवाल उठाया कि अगर सब तैयारी व्हाइट हाउस के अधीन थी, तो आखिरी वक्त में टेलीप्रॉम्प्टर क्यों खराब हुआ?
एस्क्लेटर मामले पर भी यूएन ने अपनी सफाई दी। संगठन का कहना है कि जब ट्रंप आए, तब एस्क्लेटर सही काम कर रहा था। ट्रंप से पहले व्हाइट हाउस के दो कैमरामैन उस पर चढ़े और उसके तुरंत बाद वह बंद हो गया। यूएन ने दावा किया है कि इसके सबूत के तौर पर वह वीडियो जल्द सार्वजनिक करेगा।
अपने भाषण में ट्रंप ने यूएन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यहां “सब कुछ खराब” है और टेलीप्रॉम्प्टर की गड़बड़ी इसलिए हुई क्योंकि इससे जुड़े अधिकारी की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। ट्रंप ने इशारा किया कि अमेरिका द्वारा यूएन फंड में कटौती के चलते वहां 3,000 से अधिक कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में हैं। साथ ही उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि एस्क्लेटर बंद होने से उन्हें मेलानिया की सुरक्षा की चिंता हुई, लेकिन मेलानिया सहजता से सीढ़ियां चढ़ गईं।
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