अमेरिका का बयान: भारत को सजा नहीं देना चाहते, लेकिन रूस से तेल खरीदना गलत
ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा- भारत शानदार सहयोगी, लेकिन रूस से तेल खरीदने पर है ऐतराज
भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका और भारत के बीच तनातनी बढ़ गई है। हाल ही में अमेरिका ने भारत पर 25 से 50 प्रतिशत तक का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था। अब इस पर अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट का बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि उनका देश भारत को सजा नहीं देना चाहता, लेकिन रूस से तेल खरीदने को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
क्रिस राइट ने बुधवार को न्यूयॉर्क फॉरेन प्रेस सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका का शानदार सहयोगी भी। वे खुद भारत के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार और सहयोग और ज्यादा बढ़े। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका भारत को प्राकृतिक गैस, कोयला, परमाणु ऊर्जा और स्वच्छ ईंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग देने को तैयार है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि पद संभालने के बाद उन्होंने भारत के साथ काम करने में काफी समय बिताया है। भारत एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और अमेरिका उसके साथ दीर्घकालिक साझेदारी चाहता है। इस दौरान उन्होंने भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें गोयल ने कहा था कि आने वाले सालों में भारत-अमेरिका ऊर्जा व्यापार और मजबूत होगा।
रूस से तेल खरीदने पर क्रिस राइट का कहना था कि भारत को सजा देना उनका मकसद नहीं है। भारत चाहे तो दुनिया के किसी भी देश से तेल खरीद सकता है, लेकिन रूस से नहीं। उन्होंने दावा किया कि रूस अब तेल छूट पर बेचने को मजबूर है क्योंकि कोई भी देश उससे खरीदना नहीं चाहता। राइट ने कहा कि भारत रूस से तेल इसलिए खरीद रहा है क्योंकि यह सस्ता है, लेकिन अमेरिका के पास भी पर्याप्त तेल है और भारत को वहीं से खरीदना चाहिए।
गौरतलब है कि अमेरिका रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से लगातार अपने सहयोगी देशों पर दबाव बना रहा है कि वे रूस से तेल या अन्य ऊर्जा संसाधन न खरीदें। हालांकि भारत ने बार-बार साफ किया है कि वह अपने ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को ध्यान में रखकर फैसले लेगा और सस्ता तेल मिलने पर उसे नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता। ऐसे में आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका संबंधों पर इस विवाद का असर कितना होगा, यह देखने वाली बात होगी।
Share this content:
